Follow Us:

सोलन में बारिश का कहर: गुम्मन टकसाल के पास रेलवे लाइन के नीचे का ढंगा क्षतिग्रस्त, रेल सेवा बंद

मूसलाधार बारिश से गुम्मन टकसाल के पास रेलवे लाइन के नीचे का ढंगा क्षतिग्रस्त
यात्रियों की सुरक्षा के लिए कालका-शिमला रेल सेवा फिलहाल बंद, मरम्मत कार्य जारी
विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने मुख्यमंत्री से नुकसान और कामली रोड लिंक परियोजना पर की चर्चा


सोलन। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलवे लाइन पर भी पड़ा है। सोलन जिले के परवाणु के समीप गुम्मन टकसाल के पास भारी बारिश के कारण रेलवे लाइन के नीचे बना ढंगा क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर स्थिति गंभीर हो गई है और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल कालका-शिमला रेल सेवा बंद कर दी गई है।

भारी बारिश के कारण रेलवे लाइन के नीचे की संरचना को नुकसान पहुंचने से ट्रैक का एक हिस्सा असुरक्षित स्थिति में आ गया है। ऐसे में रेलवे और संबंधित विभागों की ओर से मौके पर स्थिति को संभालने तथा लाइन को दोबारा सुरक्षित और सुचारू बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। शुरुआती स्थिति को देखते हुए आने वाले कई दिनों तक रेल सेवा प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है।

गुम्मन टकसाल के पास बारिश से रेलवे ट्रैक को नुकसान

परवाणु क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने कई स्थानों पर जनजीवन और संपर्क व्यवस्था को प्रभावित किया है। इसी दौरान गुम्मन टकसाल के पास रेलवे लाइन के नीचे का ढंगा क्षतिग्रस्त हो गया। ढंगे के क्षतिग्रस्त होने के कारण रेलवे ट्रैक की सुरक्षा को लेकर तत्काल एहतियाती कदम उठाया गया।

कालका-शिमला रेलवे लाइन न केवल हिमाचल की महत्वपूर्ण रेल संपर्क व्यवस्था है, बल्कि यह अपनी ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबसूरती के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में इस लाइन पर किसी भी तरह का नुकसान रेल यातायात के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकता है।

स्थिति को देखते हुए फिलहाल रेल सेवा को रोक दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे लाइन को तब तक चालू नहीं किया जाएगा, जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित तरीके से दुरुस्त नहीं कर लिया जाता।

कई दिनों तक प्रभावित हो सकती है रेल सेवा

मौके पर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और रेलवे लाइन को सुरक्षित बनाने का कार्य जारी है। हालांकि नुकसान की स्थिति और मरम्मत में लगने वाले समय को देखते हुए आगामी कई दिनों तक कालका-शिमला रेल सेवा प्रभावित रहने की संभावना है।

बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में रेलवे ट्रैक के नीचे बने सुरक्षा ढांचों पर पानी का दबाव बढ़ जाता है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी और मलबा खिसकने से ट्रैक की स्थिरता भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में रेलवे की ओर से ट्रैक की स्थिति की जांच और आवश्यक मरम्मत के बाद ही यात्री रेल सेवा बहाल किए जाने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री का काफिला रोककर विधायक ने उठाया मामला

इसी बीच रविवार देर शाम चंडीगढ़ से शिमला जाते समय परवाणु में विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष गुम्मन टकसाल के पास रेलवे लाइन को हुए नुकसान सहित क्षेत्र की अन्य समस्याओं को भी रखा।

विधायक ने इस दौरान परवाणु के कामली रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से जोड़ने वाले लिंक रोड के प्रस्ताव को लेकर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उनका कहना था कि यह संपर्क मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है और इसके निर्माण से परवाणु को राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर सीधा संपर्क मिलेगा।

मौके पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र में हुए नुकसान और प्रस्तावित लिंक रोड से जुड़ी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

कामली रोड-एनएच-5 लिंक रोड पर भी हुई चर्चा

कामली रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से जोड़ने वाली लिंक रोड परियोजना को परवाणु क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके निर्माण से परवाणु शहर और आसपास के क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधा संपर्क मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में क्षेत्र में यातायात का दबाव और आवागमन से जुड़ी समस्याएं स्थानीय लोगों के लिए चुनौती बनी रहती हैं। लिंक रोड बनने से न केवल लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सकती है, बल्कि मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है।

इस सड़क के निर्माण से स्थानीय आबादी के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। परवाणु औद्योगिक और परिवहन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग से बेहतर संपर्क यहां की कनेक्टिविटी को और मजबूत कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ली परियोजना की जानकारी

मौके पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से प्रस्तावित लिंक रोड की स्थिति, निर्माण प्रक्रिया और आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।

बारिश के कारण क्षेत्र में जहां एक ओर मौजूदा संपर्क व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से प्रस्तावित वैकल्पिक संपर्क मार्ग की जरूरत भी सामने आई है। ऐसे में कामली रोड को एनएच-5 से जोड़ने वाली परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री के निर्देश स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

फिलहाल गुम्मन टकसाल के पास रेलवे लाइन के नीचे क्षतिग्रस्त ढंगे की मरम्मत सबसे अहम चुनौती है। रेल यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सेवा बंद कर दी गई है और ट्रैक को दोबारा सुरक्षित बनाने का काम जारी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि मरम्मत कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और कालका-शिमला रेल सेवा को कब तक दोबारा बहाल किया जा सकता है।

साथ ही, कामली रोड-एनएच-5 लिंक रोड को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि यह महत्वपूर्ण संपर्क परियोजना अब कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़कर जल्द धरातल पर दिखाई देगी।