➤ एनएलयू शिमला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार देगी जरूरी सहयोग
➤ छात्राओं के छात्रावास की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कंटीले तार लगाने के निर्देश
➤ हाईटेंशन लाइन शिफ्ट होगी, ओवरहेड बिजली तार भूमिगत करने को मिलेगा पर्याप्त बजट
शिमला। हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) शिमला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक सहयोग देगी।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान विश्वविद्यालय की आधारभूत जरूरतों के साथ-साथ विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि संस्थान के विकास के लिए सरकार आवश्यक सहयोग करेगी, लेकिन विश्वविद्यालय को अपनी आंतरिक आय और संसाधन स्वयं सृजित करने की दिशा में भी गंभीर प्रयास करने होंगे।
नए छात्रावासों के निर्माण में सरकार देगी सहयोग
एनएलयू में विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने छात्राओं और छात्रों के लिए नए छात्रावासों के निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया।
छात्रावासों की सुविधा बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए वहां कंटीले तार लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य छात्रावास परिसर की सुरक्षा को और पुख्ता करना है।
विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े अन्य तकनीकी मुद्दों पर भी सरकार ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कम वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए लगेगा नया ट्रांसफार्मर
एनएलयू परिसर में लंबे समय से सामने आ रही बिजली से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए भी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। परिसर में कम वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा।
इससे विश्वविद्यालय परिसर में बिजली की आपूर्ति से संबंधित समस्या को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए निर्बाध बिजली व्यवस्था शैक्षणिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
छात्रावास के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन होगी स्थानांतरित
बैठक में छात्रावास के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसे स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। छात्रावास के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरने के कारण सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ऐसे में लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद ओवरहेड बिजली तारों को भूमिगत करने की योजना पर भी सरकार ने गंभीरता दिखाई है।
ओवरहेड बिजली तार भूमिगत करने के लिए मिलेगा पर्याप्त धन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में ओवरहेड बिजली तारों को भूमिगत करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
बिजली की लाइनों को भूमिगत करने से परिसर में खुले और ऊपर से गुजरने वाले तारों से जुड़े संभावित जोखिमों को कम किया जा सकेगा। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर की आधारभूत संरचना को भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
सीवरेज और पेयजल संकट का भी निकलेगा स्थायी समाधान
एनएलयू में केवल भवन और बिजली से जुड़ी समस्याओं पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि सीवरेज और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने के निर्देश दिए। इससे विश्वविद्यालय में सीवरेज प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।
वहीं, विश्वविद्यालय में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे विद्यार्थियों और कर्मचारियों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके।
विश्वविद्यालय को खुद भी संसाधन जुटाने पर देना होगा जोर
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय को सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा देने के साथ यह भी स्पष्ट किया कि एनएलयू को अपने स्तर पर संसाधन सृजित करने की दिशा में प्रयास करने होंगे। यानी सरकार बुनियादी सुविधाओं और आवश्यक विकास कार्यों में सहयोग करेगी, लेकिन संस्थान की दीर्घकालिक मजबूती के लिए उसे अपने संसाधन बढ़ाने की दिशा में भी काम करना होगा।
एनएलयू शिमला से जुड़े मामलों की समीक्षा में सामने आए फैसलों से एक ओर जहां विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठेंगे, वहीं दूसरी ओर छात्रावासों, बिजली व्यवस्था, पेयजल और सीवरेज जैसी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। विशेष रूप से छात्रावास की सुरक्षा, हाईटेंशन लाइन के स्थानांतरण और ओवरहेड तारों को भूमिगत करने के फैसले विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।



