➤ संगीत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर हिमाचल हाईकोर्ट ने लगाई रोक
➤ राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश, अगली सुनवाई 28 सितंबर को
➤ हिमाचल में संगीत विषय का TET नहीं होता, फिर पंजाब TET वाले अभ्यर्थी का आवेदन क्यों खारिज हुआ
हिमाचल प्रदेश में संगीत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने संगीत शिक्षकों की भर्ती के तहत बची हुई रिक्त सीटों को आगामी आदेशों तक भरने पर रोक लगा दी है। अदालत ने मामले में संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि हिमाचल प्रदेश में संगीत विषय के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET आयोजित ही नहीं की जाती, इसके बावजूद दूसरे राज्यों से TET पास करने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में बची सीटों को फिलहाल न भरने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
संगीत शिक्षक भर्ती में TET की शर्त बनी विवाद की वजह
मामला हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 9 अप्रैल 2026 को जारी संगीत शिक्षक भर्ती विज्ञापन से जुड़ा है। इसमें म्यूजिक टीचर के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। संबंधित पद का पोस्ट कोड 26021 बताया गया है।
भर्ती के नियमों के अनुसार उम्मीदवारों के पास हिमाचल प्रदेश बोर्ड की ओर से मान्यता प्राप्त TET पास होना अनिवार्य किया गया था। इसी शर्त को लेकर विवाद खड़ा हुआ, क्योंकि याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में संगीत विषय के लिए TET परीक्षा आयोजित ही नहीं की जाती।
ऐसे में दूसरे राज्य का TET पास करने वाले अभ्यर्थियों के सामने भर्ती में शामिल होने को लेकर समस्या खड़ी हो गई। याचिका में इसी स्थिति को चुनौती दी गई है।
पंजाब TET होने के बावजूद अभ्यर्थी का आवेदन खारिज
याचिका में विभाती शर्मा का मामला भी सामने आया है। बताया गया कि उनका आवेदन इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि उनके पास पंजाब राज्य का TET था।
याचिका में सवाल उठाया गया कि जब हिमाचल प्रदेश में संगीत विषय के लिए TET परीक्षा आयोजित ही नहीं की जाती, तो इस विषय के अभ्यर्थियों के लिए दूसरे राज्य से प्राप्त TET को मान्यता क्यों नहीं दी जा रही है।
इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में लागू पात्रता शर्तों को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि स्थानीय स्तर पर संगीत विषय का TET आयोजित नहीं होने की स्थिति में ऐसे अभ्यर्थियों के सामने पात्रता पूरी करने का व्यावहारिक विकल्प नहीं रह जाता।
हाईकोर्ट ने खाली सीटें भरने पर लगाई रोक
मामले की सुनवाई न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ और इससे पहले न्यायाधीश अजय मोहन गोयल तथा न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ के समक्ष हुई।
खंडपीठ ने विभाग को निर्देश दिया है कि आगामी आदेशों तक संबंधित विज्ञापन के तहत बची हुई खाली सीटों को नहीं भरा जाए। यानी जब तक अदालत इस मामले में आगे कोई आदेश नहीं देती, तब तक भर्ती प्रक्रिया में शेष रिक्त पदों को भरने पर रोक रहेगी।
अदालत ने संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है और राज्य सरकार से पूरे मामले पर अपना पक्ष रखने को कहा है।
सरकार को तीन सप्ताह में देना होगा जवाब
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। सरकार के जवाब के बाद अदालत इस मामले में उठाए गए सवालों और भर्ती की पात्रता शर्तों पर आगे सुनवाई करेगी।
मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। उस सुनवाई में भर्ती प्रक्रिया, TET की पात्रता और दूसरे राज्य से TET पास करने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन को लेकर स्थिति पर आगे की कानूनी प्रक्रिया सामने आ सकती है।
आखिर क्या है पूरा विवाद?
विवाद की मूल वजह संगीत शिक्षकों की भर्ती के लिए निर्धारित TET पात्रता है। भर्ती विज्ञापन में हिमाचल प्रदेश बोर्ड से मान्यता प्राप्त TET पास होना अनिवार्य बताया गया था। दूसरी ओर याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हिमाचल में संगीत विषय के लिए TET परीक्षा आयोजित नहीं होती।
ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने दूसरे राज्यों से संगीत विषय से संबंधित TET पास किया है, उनके आवेदन को केवल इस आधार पर अस्वीकार किए जाने पर सवाल उठाया गया है कि वह TET हिमाचल प्रदेश का नहीं है।
विभाती शर्मा का आवेदन पंजाब TET होने के कारण खारिज होना इसी विवाद का प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत के सामने यह मुद्दा उठाए जाने के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में बची हुई सीटों को फिलहाल रोकने का आदेश दिया है।
अब अदालत के अगले आदेश पर टिकी भर्ती प्रक्रिया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद संगीत शिक्षकों की भर्ती में बची हुई रिक्त सीटों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट होने तक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। अब राज्य सरकार को तीन सप्ताह में अपना जवाब देना होगा।
अदालत के सामने मुख्य सवाल यह रहेगा कि जब हिमाचल में संगीत विषय का TET आयोजित नहीं किया जाता, तब इस विषय के अभ्यर्थियों के लिए पात्रता की शर्त किस तरह लागू की जाए और दूसरे राज्य से TET पास करने वाले उम्मीदवारों के आवेदन को किस आधार पर स्वीकार या अस्वीकार किया जाए।
28 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल हाईकोर्ट ने बची हुई सीटों को भरने पर रोक लगाकर भर्ती प्रक्रिया को न्यायिक समीक्षा के अधीन कर दिया है।



