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हिमाचल के स्कूलों में दिन में 3 बार लगेगी डिजिटल हाजिरी, चूके तो कट सकता है वेतन; जानें पूरा टाइम टेबल

हिमाचल के सीबीएसई स्कूलों में अब दिन में तीन बार डिजिटल हाजिरी अनिवार्य
10 से 15 मिनट के स्लॉट में हाजिरी नहीं लगाई तो वेतन या मानदेय में कटौती संभव
प्रधानाचार्यों को हर हाजिरी की रिपोर्ट निदेशालय भेजनी होगी, ई-वेतन से जोड़ने की तैयारी


हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए डिजिटल हाजिरी को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। अब स्कूल स्टाफ को दिन में तीन बार वीएसके (स्विफ्ट चैट) पोर्टल पर डिजिटल उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसके लिए स्कूलों के संचालन समय के आधार पर अलग-अलग टाइम स्लॉट निर्धारित किए गए हैं।

नई व्यवस्था में खास बात यह है कि कर्मचारियों को प्रत्येक हाजिरी दर्ज करने के लिए केवल 10 से 15 मिनट का समय मिलेगा। तय समय में डिजिटल हाजिरी दर्ज नहीं करने पर इसका असर अगले महीने के वेतन या मानदेय पर पड़ सकता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीएसके पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति का सत्यापन वेतन बिलों से जोड़ा जाएगा।

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि कार्यदिवसों में स्टाफ की तीनों डिजिटल हाजिरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रधानाचार्यों को भी हर चरण की उपस्थिति की रिपोर्ट निर्धारित समय पर निदेशालय भेजनी होगी।

तीन अलग-अलग श्रेणी के स्कूलों के लिए अलग टाइम स्लॉट

हिमाचल में स्कूलों के संचालन की अलग-अलग व्यवस्थाओं को देखते हुए डिजिटल हाजिरी के लिए तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। ग्रीष्मकालीन, अत्यधिक ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन स्कूलों में कर्मचारियों के चेक-इन, मध्य उपस्थिति और चेक-आउट के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है।

इसका मतलब यह है कि सभी स्कूलों में एक ही समय पर डिजिटल हाजिरी नहीं लगेगी। संबंधित स्कूल जिस श्रेणी में आता है, वहां के कर्मचारियों को उसी के अनुसार निर्धारित स्लॉट में अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सुबह 9 बजे पहली हाजिरी

ग्रीष्मकालीन स्कूलों में दिन की पहली यानी चेक-इन डिजिटल हाजिरी सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

इसके बाद दूसरी हाजिरी दोपहर 12:25 बजे से 12:35 बजे के बीच और अंतिम यानी चेक-आउट हाजिरी दोपहर 3:00 बजे से 3:10 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

प्रधानाचार्यों को इन तीनों हाजिरी की रिपोर्ट निर्धारित समय के आधा घंटे बाद निदेशालय भेजनी होगी। पहली हाजिरी की रिपोर्ट सुबह 9:45 बजे, दूसरी की दोपहर 12:50 बजे और तीसरी यानी चेक-आउट हाजिरी की रिपोर्ट दोपहर 3:30 बजे तक भेजनी होगी।

ग्रीष्मकालीन स्कूलों का डिजिटल हाजिरी टाइम टेबल

हाजिरी कर्मचारियों का समय प्रधानाचार्य की रिपोर्ट
पहली हाजिरी 9:00–9:15 बजे 9:45 बजे
दूसरी हाजिरी 12:25–12:35 बजे 12:50 बजे
तीसरी हाजिरी 3:00–3:10 बजे 3:30 बजे

अत्यधिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सुबह 8 बजे लगेगी पहली हाजिरी

अत्यधिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों के लिए डिजिटल उपस्थिति का समय इससे पहले रखा गया है। यहां कर्मचारियों को पहली हाजिरी सुबह 8:00 से 8:15 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

दूसरी हाजिरी सुबह 11:25 से 11:35 बजे और तीसरी यानी चेक-आउट हाजिरी दोपहर 2:00 से 2:10 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

प्रधानाचार्यों को पहली हाजिरी की रिपोर्ट सुबह 8:45 बजे, दूसरी की 11:50 बजे और तीसरी हाजिरी की रिपोर्ट दोपहर 2:30 बजे तक निदेशालय को भेजनी होगी।

अत्यधिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों का डिजिटल हाजिरी टाइम टेबल

हाजिरी कर्मचारियों का समय प्रधानाचार्य की रिपोर्ट
पहली हाजिरी 8:00–8:15 बजे 8:45 बजे
दूसरी हाजिरी 11:25–11:35 बजे 11:50 बजे
तीसरी हाजिरी 2:00–2:10 बजे 2:30 बजे

शीतकालीन स्कूलों में शाम तक चलेगी डिजिटल हाजिरी

शीतकालीन स्कूलों के कर्मचारियों के लिए पहली डिजिटल हाजिरी सुबह 10:00 से 10:15 बजे के बीच होगी।

दूसरी हाजिरी दोपहर 1:25 से 1:35 बजे और तीसरी यानी चेक-आउट हाजिरी शाम 4:00 से 4:10 बजे के बीच दर्ज करनी होगी।

प्रधानाचार्यों को पहली हाजिरी की रिपोर्ट सुबह 10:45 बजे, दूसरी की दोपहर 1:50 बजे और तीसरी हाजिरी की रिपोर्ट शाम 4:30 बजे तक भेजनी होगी।

शीतकालीन स्कूलों का डिजिटल हाजिरी टाइम टेबल

हाजिरी कर्मचारियों का समय प्रधानाचार्य की रिपोर्ट
पहली हाजिरी 10:00–10:15 बजे 10:45 बजे
दूसरी हाजिरी 1:25–1:35 बजे 1:50 बजे
तीसरी हाजिरी 4:00–4:10 बजे 4:30 बजे

सिर्फ 10 से 15 मिनट का मिलेगा मौका

नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बात हाजिरी के लिए सीमित समय है। प्रत्येक निर्धारित स्लॉट में कर्मचारियों को केवल 10 से 15 मिनट के भीतर डिजिटल उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

स्लॉट समाप्त होने के बाद हाजिरी दर्ज नहीं होने पर कर्मचारी की उपस्थिति पर सवाल उठ सकता है। ऐसे में कर्मचारियों को अब केवल स्कूल पहुंचना ही नहीं, बल्कि निर्धारित समय के भीतर वीएसके पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना भी सुनिश्चित करना होगा।

निदेशालय ने संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यदिवसों में स्टाफ की तीनों हाजिरी सुनिश्चित की जाए।

हाजिरी का सीधा असर वेतन पर पड़ सकता है

डिजिटल हाजिरी व्यवस्था को सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं रखा गया है। विभाग ने वीएसके पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति के सत्यापन को वेतन बिलों से जोड़ने की व्यवस्था की है।

निर्धारित समय में उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर नियमानुसार अगले महीने के वेतन या मानदेय में कटौती की जा सकती है। इसलिए शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए तीनों निर्धारित समय पर डिजिटल हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।

विभाग आगे चलकर इस व्यवस्था को ई-वेतन प्रणाली से जोड़ने की तैयारी भी कर रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो भविष्य में वेतन बिलों का सत्यापन डिजिटल उपस्थिति के आधार पर स्वचालित किए जाने की संभावना है।

प्रधानाचार्यों की भी बढ़ी जिम्मेदारी

नई डिजिटल हाजिरी व्यवस्था में केवल शिक्षकों और कर्मचारियों की ही जिम्मेदारी नहीं बढ़ी है, बल्कि प्रधानाचार्यों और अन्य संस्था प्रमुखों की भूमिका भी महत्वपूर्ण कर दी गई है।

प्रधानाचार्यों को अपने स्कूल के स्टाफ की तीनों हाजिरी की निगरानी करनी होगी और निर्धारित समय के अनुसार उसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी।

इसके अलावा सभी उप निदेशकों, प्रधानाचार्यों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

इस व्यवस्था के तहत स्कूल स्तर पर यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी कर्मचारी की निर्धारित समय में हाजिरी दर्ज नहीं होने की स्थिति में उसका रिकॉर्ड सही तरीके से सामने आए।

वीएसके पोर्टल में किए जाएंगे तकनीकी बदलाव

डिजिटल हाजिरी व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा को वीएसके पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे डिजिटल उपस्थिति की निगरानी, रिपोर्टिंग और भविष्य में वेतन प्रणाली के साथ इसके एकीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकेगा।

विभाग की योजना ऐसी व्यवस्था तैयार करने की है, जिसमें कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से उपलब्ध रहे और उसे वेतन बिलों के सत्यापन के दौरान इस्तेमाल किया जा सके।

स्कूल स्टाफ के लिए अब समय की पाबंदी जरूरी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए समय की पाबंदी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्हें दिन में तीन अलग-अलग समय पर अपनी डिजिटल उपस्थिति दर्ज करनी होगी।

पहली हाजिरी स्कूल पहुंचने की पुष्टि करेगी, दूसरी दिन के दौरान उपस्थिति और तीसरी हाजिरी चेक-आउट के तौर पर दर्ज होगी। प्रत्येक स्लॉट के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद हाजिरी दर्ज नहीं होने की स्थिति में वेतन या मानदेय पर असर पड़ सकता है।

इस पूरी व्यवस्था में अब डिजिटल उपस्थिति, प्रधानाचार्यों की रिपोर्ट और वेतन बिल एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। आने वाले समय में ई-वेतन प्रणाली से इसका पूरा एकीकरण होने पर स्कूल कर्मचारियों की उपस्थिति और वेतन का सत्यापन और अधिक डिजिटल एवं स्वचालित हो सकता है।