➤ हिमाचल में दिन-रात के तापमान में बढ़ा अंतर, दिन का पारा सामान्य से 1.8 डिग्री ऊपर
➤ केलांग में दिन का तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री ज्यादा, चंबा में रात का पारा 3.8 डिग्री नीचे
➤ 26 सितंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क, बदलते मौसम में श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों को सावधानी की सलाह
शिमला। मानसून की विदाई से पहले हिमाचल प्रदेश के मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। प्रदेश में अब दिन और रात के तापमान में साफ अंतर देखने को मिल रहा है। दिन के समय कई इलाकों में गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात होते ही ठंड बढ़ने लगी है। ऐसे में बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है। रविवार को प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से औसतन 1.8 डिग्री सेल्सियस अधिक, जबकि न्यूनतम तापमान औसतन 1.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
मौसम केंद्र शिमला के आंकड़ों के अनुसार, मानसून की विदाई से पहले तापमान में यह अंतर मौसम के बदलते मिजाज का संकेत दे रहा है। प्रदेश के निचले और मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ने लगा है।
सबसे खास स्थिति केलांग में देखने को मिली। यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इसके उलट रात के समय चंबा का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। यानी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही समय दिन में गर्मी और रात में ठंड का असर देखने को मिल रहा है।
कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर
मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश के कई क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। केलांग के अलावा कल्पा और धर्मशाला में भी अधिकतम तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
तापमान में सबसे अधिक बढ़ोतरी केलांग में 3.7 डिग्री सेल्सियस रही। इसके बाद मंडी में 2.3 डिग्री, शिमला और सुंदरनगर में 2.2 डिग्री, कांगड़ा और पालमपुर में 1.6 डिग्री, भुंतर में 1.4 डिग्री, मनाली में 1.3 डिग्री, ऊना में 1.1 डिग्री, सोलन में 0.8 डिग्री और बिलासपुर में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इस तरह प्रदेश में अधिकतम तापमान की औसत बढ़ोतरी 1.8 डिग्री सेल्सियस रही। खासकर मैदानी और निचले इलाकों में दिन के समय धूप के कारण गर्मी का असर महसूस हो रहा है।
रात होते ही कई क्षेत्रों में गिरा पारा
दिन के तापमान से अलग रात के समय कई इलाकों में पारे में गिरावट दर्ज की गई है। चंबा में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। केलांग में रात का तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री, भुंतर में 2.0 डिग्री, पालमपुर में 1.9 डिग्री, बिलासपुर में 1.8 डिग्री और सोलन में 1.1 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
इसके अलावा सुंदरनगर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री, नाहन में 1.0 डिग्री, कल्पा में 0.4 डिग्री, मनाली में 0.2 डिग्री और मंडी में 0.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
हालांकि प्रदेश के सभी हिस्सों में रात के तापमान में गिरावट नहीं हुई। शिमला में न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक, जबकि ऊना में 0.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
ऊना में सबसे ज्यादा गर्मी, केलांग सबसे ठंडा
बीते दिन प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुंदरनगर में 32.8 डिग्री, पांवटा साहिब में 32.6 डिग्री, बजौरा में 32.2 डिग्री, कांगड़ा और बिलासपुर में 32.0 डिग्री तथा मंडी में 31.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे साफ है कि प्रदेश के निचले और मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय अभी गर्मी बनी हुई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान तेजी से नीचे जा रहा है।
रात में केलांग प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद कल्पा में 8.2 डिग्री, मनाली में 11.2 डिग्री और कुफरी में 11.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
26 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम केंद्र शिमला के अनुसार, 26 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। उच्च, मध्य और मैदानी तथा निचले पर्वतीय क्षेत्रों में इस अवधि के दौरान बड़े स्तर पर बारिश की संभावना नहीं बताई गई है।
मानसून की विदाई के बीच मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर को और स्पष्ट कर सकता है। खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात और सुबह के समय ठंड का असर बढ़ने की संभावना है। ऐसे में लोगों को अब दिन और रात के मौसम के अनुसार कपड़ों और दिनचर्या की तैयारी करनी होगी।
मौसम बदलने पर किन स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना, किन लोगों को ज्यादा सावधानी
दिन में गर्मी और रात में ठंड बढ़ने के इस दौर में कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और अन्य श्वसन संक्रमणों के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि केवल तापमान में बदलाव को किसी संक्रमण का सीधा कारण नहीं माना जा सकता। सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे संक्रमण वायरस से होते हैं और इनके फैलाव में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, बंद जगहों तथा पर्याप्त वेंटिलेशन न होने जैसे कारक महत्वपूर्ण होते हैं।
अस्थमा, सीओपीडी, हृदय या फेफड़ों की पुरानी बीमारी वाले लोगों, बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को मौसम बदलने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। इन लोगों में श्वसन संक्रमण होने पर गंभीर बीमारी का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है।
क्या करें
- सुबह और रात के समय तापमान कम होने पर शरीर को पर्याप्त गर्म रखें और मौसम के अनुसार कपड़ों की परतें रखें।
- पर्याप्त पानी पिएं और नींद पूरी लें।
- घर में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें, खासकर जब कई लोग एक ही कमरे में हों।
- हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से साफ करें।
- खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें।
- घर में किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी या अन्य श्वसन संबंधी लक्षण हों तो उसके साथ नजदीकी संपर्क कम रखें।
- भीड़भाड़ वाली या कम हवादार जगहों में, खासकर बीमारी के लक्षण होने पर, अच्छी तरह फिट होने वाला मास्क संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
- जिन लोगों को डॉक्टर ने फ्लू या अन्य टीके लेने की सलाह दी है, वे समय पर टीकाकरण को लेकर अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जानकारी लें।
क्या न करें
- मौसम गर्म महसूस होने पर भी रात और सुबह बिना पर्याप्त गर्म कपड़ों के बाहर न निकलें।
- बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- खांसी, बुखार या सांस संबंधी समस्या होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक शुरू न करें।
- लंबे समय तक खांसी, तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी को सामान्य मौसम परिवर्तन मानकर नजरअंदाज न करें।
- पुरानी बीमारी से पीड़ित लोग अपनी नियमित दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना बंद या बदलें नहीं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी
अगर बुखार कई दिनों तक बना रहे, सांस लेने में परेशानी हो, लक्षण लगातार बिगड़ रहे हों, पहले सुधार के बाद दोबारा तेज हो जाएं या किसी पुरानी बीमारी के लक्षण बढ़ जाएं तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। सांस लेने में गंभीर परेशानी या सीने में दर्द जैसे आपात संकेत होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
फिलहाल प्रदेश के मौसम का मिजाज यही संकेत दे रहा है कि दिन में धूप और गर्मी, जबकि रात में ठंड का दौर शुरू हो चुका है। मानसून की विदाई के साथ आने वाले दिनों में तापमान के इस अंतर में और बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में खासकर सुबह और रात के समय मौसम के अनुसार कपड़े पहनना और श्वसन संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करना जरूरी होगा।



