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शिमला में SIR के विरोध में शुक्रवार को चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की तैयारी


कांग्रेस ने प्रक्रिया और CEC ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हटाने की मांग रखी
PCC बैठक में हिमाचल जोड़ो यात्रा और संगठन की तीन महीने की गतिविधियों की समीक्षा पर भी चर्चा


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर कांग्रेस का विरोध अब सड़क पर दिखाई देने वाला है। कांग्रेस शुक्रवार को शिमला स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने की तैयारी में है। पार्टी की ओर से SIR की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को भी प्रदर्शन से जोड़ा है। पार्टी के अनुसार प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, कैबिनेट मंत्री, हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।

SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण इस समय राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों ने प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां उठाई हैं और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक टिप्पणियां और अलग-अलग विचार संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं तथा आयोग के अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

SIR को लेकर कांग्रेस की क्या आपत्ति है

हिमाचल कांग्रेस लंबे समय से SIR को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता और सावधानी जरूरी है। कांग्रेस की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी दल SIR के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और मतदाता डेटा के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर निर्वाचन आयोग से सवाल कर रहे हैं। 23-24 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर कथित आपत्तियां दर्ज किए जाने का उल्लेख हुआ है। निर्वाचन आयोग ने इसके जवाब में कहा कि ऐसी टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हैं और उसके आदेश सर्वसम्मति से लिए गए।

शिमला में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन

कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा के अनुसार शुक्रवार को शिमला में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है।

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR रहेगा। कांग्रेस की ओर से निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी और CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई जाएगी।

देश के दूसरे हिस्सों में भी SIR को लेकर विपक्षी दलों के प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने हाल के दिनों में CEC के खिलाफ कार्रवाई और SIR प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग मांगें रखी हैं।

PCC बैठक में आगे की रणनीति पर होगी चर्चा

शिमला में प्रदर्शन के साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसमें SIR के खिलाफ हिमाचल में पार्टी के आंदोलन को आगे किस स्तर तक ले जाना है, इस पर चर्चा होने की संभावना है।

पार्टी स्तर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करने और SIR से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक में CEC को हटाने की मांग को लेकर आगे के संगठनात्मक कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।

कांग्रेस की ओर से SIR को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया के बजाय राजनीतिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

भरमौर से सिरमौर तक ‘हिमाचल जोड़ो यात्रा’ की तैयारी

PCC बैठक में भरमौर से सिरमौर तक प्रस्तावित ‘हिमाचल जोड़ो यात्रा’ को लेकर भी चर्चा होगी। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश को अपर और लोअर हिमाचल के रूप में राजनीतिक रूप से अलग-अलग देखने की प्रवृत्ति के बीच पार्टी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ने के उद्देश्य से यात्रा निकालना चाहती है।

इस प्रस्तावित यात्रा के दौरान SIR के अलावा NEET पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को भी उठाने की योजना पर चर्चा होगी। यात्रा का स्वरूप, कार्यक्रम और आगे की रणनीति PCC बैठक में तय किए जाने की संभावना है।

संगठन के तीन महीने के काम की समीक्षा

शिमला में होने वाली बैठक का एक और प्रमुख एजेंडा प्रदेश कांग्रेस संगठन के पिछले तीन महीने के कामकाज की समीक्षा बताया गया है। पार्टी स्तर पर पदाधिकारियों की सक्रियता और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में यह देखा जाएगा कि अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं और पदाधिकारियों ने पिछले तीन महीनों में संगठन के लिए किस तरह काम किया। पार्टी के अनुसार निष्क्रिय पदाधिकारियों को लेकर भी संगठनात्मक स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।

यह समीक्षा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के निर्देशों के अनुरूप संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर किए जा रहे आकलन से जोड़कर देखी जा रही है। हालांकि, किस पदाधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इसका अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

रजनी पाटिल शिमला पहुंचेंगी

हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल PCC बैठक में शामिल होने के लिए शिमला पहुंचेंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह पहले सोलन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कन्वेंशन में भाग ले रही हैं और इसके बाद शिमला में पार्टी की बैठक में शामिल होंगी।

बैठक में SIR विरोधी प्रदर्शन, प्रस्तावित हिमाचल जोड़ो यात्रा, संगठन की समीक्षा और आगामी कार्यक्रमों को लेकर पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी।

SIR पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जारी है राजनीतिक विवाद

SIR को लेकर हिमाचल कांग्रेस का प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी निर्वाचन आयोग और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज है। हाल की रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा SIR से संबंधित कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। विपक्षी दलों ने इसे आधार बनाकर CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं। वहीं निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसके निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए और आंतरिक टिप्पणियां संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

ऐसे में हिमाचल में कांग्रेस का प्रस्तावित प्रदर्शन इस राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का प्रदेश स्तर पर विस्तार माना जा रहा है। हालांकि प्रदर्शन के बाद पार्टी आगे कौन-से कार्यक्रम घोषित करती है और SIR को लेकर उसका आंदोलन किस स्वरूप में आगे बढ़ता है, यह PCC बैठक के फैसलों के बाद स्पष्ट होगा।