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हिमाचल: 11 दिसंबर से पहले होगा मंत्रिमंडल विस्तार, सीएम सुक्खू बोले- विभागों में फेरबदल पर भी चर्चा जारी

➤ 11 दिसंबर से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की पूरी कोशिश में सरकार

➤ एक मंत्री और डिप्टी स्पीकर का पद फिलहाल रिक्त

➤ विभागों में फेरबदल को लेकर भी चर्चा जारी, नामों पर आधिकारिक फैसला नहीं



हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को बड़ा संकेत दिया है। सोलन के कोठों में आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 दिसंबर से पहले मंत्रिमंडल विस्तार करने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ विभागों में फेरबदल को लेकर चर्चा जारी रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश सरकार के चार साल का कार्यकाल 11 दिसंबर को पूरा होने वाला है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास है कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। हालांकि उन्होंने संभावित नए मंत्रियों के नाम या किन विभागों में बदलाव किया जा सकता है, इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। ऐसे में फिलहाल मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित विधायकों और विभागों के पुनर्वितरण को लेकर आधिकारिक तस्वीर सामने नहीं आई है।

एक मंत्री और डिप्टी स्पीकर का पद खाली

मुख्यमंत्री के मुताबिक हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल में इस समय एक मंत्री पद रिक्त है। इसके अलावा डिप्टी स्पीकर का पद भी खाली चल रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान इस रिक्त मंत्री पद को भरे जाने की संभावना है, लेकिन मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि इसके लिए किस विधायक के नाम पर विचार किया जा रहा है।

इसी तरह डिप्टी स्पीकर के पद को लेकर भी सरकार की ओर से कोई नाम या अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद इन दोनों रिक्त पदों को लेकर चर्चा फिर तेज हो सकती है।

विभागों में फेरबदल पर भी मंथन

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ विभागों में फेरबदल का मुद्दा भी चर्चा में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल और विभागों में बदलाव को लेकर चर्चा चलती रहनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं या किन विभागों के पुनर्वितरण पर विचार हो रहा है।

इसका मतलब यह है कि प्रस्तावित बदलाव केवल खाली मंत्री पद भरने तक सीमित रहेगा या मंत्रियों के बीच विभागों के पुनर्वितरण के रूप में भी सामने आएगा, इस पर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार की ओर से किसी संभावित मंत्री या विभाग की आधिकारिक सूची भी जारी नहीं की गई है।

11 दिसंबर की समयसीमा पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बातचीत के दौरान 11 दिसंबर की समयसीमा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रदेश सरकार के चार साल का कार्यकाल इसी दिन पूरा होगा और कोशिश है कि उससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया जाए। इसका मतलब यह है कि सरकार के सामने अगले करीब ढाई महीने में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का समय है।

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह नहीं कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार की निश्चित तारीख तय हो चुकी है। उन्होंने केवल इसे 11 दिसंबर से पहले करने की पूरी कोशिश की बात कही है। इसलिए फिलहाल इसे सरकार की ओर से व्यक्त किया गया लक्ष्य माना जा सकता है, न कि घोषित कार्यक्रम।

संभावित नामों पर आधिकारिक जानकारी नहीं

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक स्तर पर अलग-अलग चर्चाएं चलती रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के ताजा बयान में किसी विधायक का नाम सामने नहीं आया। इसी तरह विभागों के संभावित बदलाव को लेकर भी कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है।

ऐसे में संभावित मंत्रियों या विभागों को लेकर सामने आने वाली चर्चाओं को फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। अंतिम तस्वीर सरकार और पार्टी नेतृत्व के स्तर पर होने वाले फैसले के बाद ही साफ होगी।

मुख्यमंत्री का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश सरकार अपने चार साल के कार्यकाल के अंतिम चरण में प्रवेश कर रही है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के संभावित पुनर्वितरण को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियां और चर्चाएं बढ़ सकती हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री सुक्खू ने इतना स्पष्ट संकेत दिया है कि 11 दिसंबर से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की कोशिश की जा रही है और इसके साथ विभागों में फेरबदल पर भी विचार जारी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इस प्रक्रिया को कब अंतिम रूप देती है और रिक्त मंत्री पद के साथ विभागों के स्तर पर क्या बदलाव सामने आते हैं।