➤ कच्छियारी से हमीरपुर बाईपास तक 62 किलोमीटर फोरलेन का काम अंतिम चरण में
➤ अक्टूबर के पहले पखवाड़े में यातायात शुरू करने की तैयारी, बारिश से प्रभावित हुआ था काम
➤ कांगड़ा-हमीरपुर सफर करीब दो घंटे से घटकर सवा घंटे होने की उम्मीद
धर्मशाला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना को लेकर अब काम तेज हो गया है। कच्छियारी से हमीरपुर बाईपास तक करीब 62 किलोमीटर लंबे फोरलेन का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI अक्टूबर के पहले पखवाड़े तक इस हिस्से को यातायात के लिए खोलने की तैयारी में है। इस सेक्शन के शुरू होने के बाद धर्मशाला-कांगड़ा से शिमला पहुंचने में लगने वाला समय करीब आठ घंटे से घटकर लगभग पांच घंटे रह सकता है। वहीं कच्छियारी और शिमला के बीच की दूरी भी करीब 28 किलोमीटर कम होकर लगभग 195 किलोमीटर रह जाएगी।
शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना को अलग-अलग पैकेज में विकसित किया जा रहा है। कांगड़ा क्षेत्र से जुड़े हिस्सों में ज्वालामुखी से कांगड़ा बाईपास तथा कच्छियारी-भंगवार जैसे सेक्शन शामिल हैं। परियोजना के विभिन्न पैकेजों में निर्माण कार्य अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रहा है और कच्छियारी से हमीरपुर की ओर जाने वाला हिस्सा अब अंतिम चरण में पहुंच गया है।
बारिश से निर्माण की गति हुई थी प्रभावित
निर्माण कार्य के दौरान लगातार हुई बारिश के कारण फोरलेन की प्रगति प्रभावित हुई थी। खराब मौसम और निर्माण संबंधी चुनौतियों के चलते कुछ हिस्सों में काम की रफ्तार धीमी हुई, लेकिन मौसम में सुधार के बाद NHAI ने निर्माण कार्य तेज कर दिया है। अब विभागीय स्तर पर परियोजना के इस हिस्से को यातायात के लिए खोलने को लेकर तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।
विभागीय स्तर पर उद्घाटन को लेकर पत्राचार भी शुरू होने की जानकारी सामने आई है। परियोजना निदेशक राकेश यादव के अनुसार कच्छियारी-हमीरपुर सेक्शन का काम अंतिम चरण में है। शेष कार्यों को पूरा करने के बाद अक्टूबर में इस मार्ग पर यातायात शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
62 किलोमीटर फोरलेन पर करीब 1,800 करोड़ रुपये की लागत
कच्छियारी से हमीरपुर बाईपास तक करीब 62 किलोमीटर लंबे फोरलेन निर्माण पर लगभग 1,800 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यह मार्ग कांगड़ा और हमीरपुर के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ यात्रा के समय को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
फोरलेन शुरू होने के बाद कांगड़ा से हमीरपुर के बीच सफर का समय करीब दो घंटे से घटकर लगभग सवा घंटे रहने की उम्मीद है। इससे रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों, स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों को समय की बचत हो सकती है।
रियुंद खड्ड और बालुग्लोआ पुल महत्वपूर्ण
परियोजना के इस हिस्से में रियुंद खड्ड और बालुग्लोआ पुल महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में शामिल हैं। इन पुलों से जुड़े काम भी अंतिम चरण में बताए जा रहे हैं। फोरलेन को यातायात के लिए खोलने से पहले शेष निर्माण और जरूरी कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
कच्छियारी-हमीरपुर सेक्शन के चालू होने के बाद कांगड़ा क्षेत्र से शिमला की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा मार्ग की तुलना में दूरी और यात्रा समय दोनों में कमी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से धर्मशाला और कांगड़ा से शिमला की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह परियोजना अहम मानी जा रही है।
अक्टूबर में खुलने पर बढ़ेगी कनेक्टिविटी
NHAI की तैयारियों के मुताबिक अक्टूबर के पहले पखवाड़े में इस हिस्से को यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है। हालांकि अंतिम रूप से यातायात शुरू होने की स्थिति शेष निर्माण कार्य और संबंधित तैयारियों के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के अलग-अलग हिस्सों के पूरा होने के साथ कांगड़ा, हमीरपुर और शिमला के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव आएगा। फिलहाल कच्छियारी-हमीरपुर सेक्शन पर काम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है और अक्टूबर में इसे खोलने की तैयारी की जा रही है।



