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हिमाचल में सीबीएसई स्कूलों की शिक्षक भर्ती में CTET मान्य, हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को दी बड़ी राहत

➤ सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों की शिक्षक भर्ती में CTET को वैध योग्यता माना

➤ केवल HP TET प्रमाणपत्र नहीं होने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द नहीं की जा सकती

➤ अर्थशास्त्र, कॉमर्स और TGT हिंदी पदों के लिए भी CTET स्वीकार करने के निर्देश


शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET वैध योग्यता है। केवल इस आधार पर किसी उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द नहीं की जा सकती कि उसके पास हिमाचल प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी HP TET का प्रमाणपत्र नहीं है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने यह फैसला माधव महाराज शर्मा की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिया।

मामला शिक्षक समाजशास्त्र के पद पर भर्ती से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ने 16 अप्रैल 2026 को विज्ञापित पद के लिए आवेदन किया था। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने उनकी उम्मीदवारी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि उनके पास निर्धारित कटऑफ तारीख 14 मई 2026 से पहले का HP TET प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं था। आयोग की ओर से यह तर्क दिया गया था कि राज्य सरकार ने CTET को HP TET के समकक्ष मान्यता नहीं दी है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

भर्ती सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए थी

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि संबंधित भर्ती विशेष रूप से सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए की जा रही थी। उनका कहना था कि उन्होंने विज्ञापन की अंतिम तारीख से काफी पहले ही सीबीएसई की ओर से आयोजित CTET परीक्षा पास कर ली थी। ऐसे में केवल HP TET प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने के आधार पर उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने इस शिक्षक भर्ती के लिए CTET को वैध योग्यता के रूप में मान्यता दे दी है। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा निदेशक की ओर से लिखित निर्देश भी अदालत के समक्ष पेश किए गए। शिक्षा विभाग ने यह स्वीकार किया कि सीबीएसई अपने संबद्ध स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए CTET को वैध मानता है, इसलिए इस आधार पर उम्मीदवारों को बाहर नहीं किया जा सकता।

अन्य शिक्षक पदों के लिए भी CTET स्वीकार करने के निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि अर्थशास्त्र, वाणिज्य यानी कॉमर्स और TGT हिंदी जैसे अन्य पदों के लिए भी CTET को स्वीकार करने के निर्देश पहले ही चयन आयोग को भेजे जा चुके हैं। इससे इन पदों की भर्ती प्रक्रिया में CTET प्रमाणपत्र रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्थिति स्पष्ट होने की बात सामने आई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक भर्ती में पात्रता को लेकर सामने आया विवाद भी स्पष्ट हुआ है। अदालत ने उस स्थिति को महत्वपूर्ण माना जिसमें भर्ती सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए थी और उम्मीदवार के पास संबंधित भर्ती की अंतिम तारीख से पहले CTET की योग्यता मौजूद थी। ऐसे में केवल HP TET प्रमाणपत्र के आधार पर उम्मीदवारी को खारिज करना उचित आधार नहीं माना गया।

उम्मीदवारों के लिए क्या है अहम

इस आदेश का सबसे अहम पहलू यह है कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में संबंधित शिक्षक भर्ती के लिए CTET की वैधता को स्पष्ट किया गया है। यानी ऐसी भर्ती में केवल HP TET प्रमाणपत्र नहीं होने को उम्मीदवार की अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता, जैसा कि इस मामले में अदालत के समक्ष स्पष्ट हुआ।

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब समाजशास्त्र शिक्षक पद के अभ्यर्थी की उम्मीदवारी HP TET प्रमाणपत्र नहीं होने के आधार पर खारिज कर दी गई थी। बाद में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से CTET को वैध योग्यता के रूप में स्वीकार किए जाने की जानकारी अदालत को दी गई। साथ ही अन्य विषयों के पदों के लिए भी CTET स्वीकार करने के निर्देश चयन आयोग को भेजे जाने की बात सामने आई।

इस आदेश से संबंधित भर्ती प्रक्रिया में शामिल उन अभ्यर्थियों के लिए स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है, जिनके पास CTET प्रमाणपत्र है, लेकिन HP TET प्रमाणपत्र नहीं है। हालांकि आदेश का संदर्भ सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों की संबंधित शिक्षक भर्ती से जुड़ा है, इसलिए पात्रता का निर्धारण संबंधित भर्ती विज्ञापन और लागू शर्तों के अनुसार ही होगा।