➤ 1 अक्टूबर से शुरू होगी ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया
➤ 30 अक्टूबर तक विद्यार्थियों को कराना होगा पंजीकरण
➤ पंजीकरण नहीं होने पर परीक्षा फॉर्म नहीं भर सकेंगे विद्यार्थी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला में शैक्षणिक सत्र के लिए पीजी समेत विभिन्न कोर्सों में विद्यार्थियों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने पंजीकरण के लिए 30 अक्टूबर अंतिम तिथि निर्धारित की है। विश्वविद्यालय के आरएमई पोर्टल पर होने वाली इस प्रक्रिया में नियमित और अन्य विद्यार्थी शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। जिन विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय में निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण नहीं होगा, वे आगे परीक्षा फॉर्म नहीं भर सकेंगे। ऐसे में संबंधित विद्यार्थियों को तय अवधि के भीतर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
विश्वविद्यालय की ओर से पंजीकरण के दायरे में कई स्नातकोत्तर और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं। इनमें एमए, एमकॉम, एमएससी, एमबीए, एमसीए, बीएड, एमएड, एमपीएड, एलएलबी, एलएलएम, एमटीटीएम, एमएचएम, एमटीए और एमटेक समेत विभिन्न कोर्स शामिल हैं। इसके अलावा बीलिब एंड इन्फॉर्मेशन साइंस, एमलिब एंड इन्फॉर्मेशन साइंस, एमएफए और पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग सहित अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को भी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल नियमित पीजी विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है। सभी पीजी डिप्लोमा और प्रमाणपत्र कोर्स में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी विश्वविद्यालय में अपना पंजीकरण करवाना होगा। निर्धारित पंजीकरण शुल्क भी विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। विश्वविद्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों को पंजीकरण प्रक्रिया के लिए अलग से नई आईडी बनाने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रवेश या परीक्षा फॉर्म वाली आईडी से करना होगा लॉगइन
नियमित विद्यार्थियों को आरएमई पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रवेश या परीक्षा फॉर्म भरते समय मिली एडमिशन आईडी अथवा यूजर आईडी का इस्तेमाल करना होगा। विद्यार्थियों को छात्र लॉगइन के माध्यम से पोर्टल पर पहुंचकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से निर्देश दिया है कि वे पंजीकरण के लिए नई आईडी न बनाएं।
पंजीकरण के दौरान विद्यार्थियों को अपनी ओर से दर्ज की जाने वाली जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक उपलब्ध कराना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया में दर्ज जानकारी में किसी तरह की गलती न हो, इसके लिए संबंधित स्तर पर भी दस्तावेजों और विवरण की जांच की व्यवस्था की गई है।
कॉलेजों और विभागों को भी दिए गए निर्देश
विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित कॉलेजों, विभागों और संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि उनके यहां दाखिला लेने वाले सभी पात्र विद्यार्थियों का निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संस्थानों को विद्यार्थियों को समय पर प्रक्रिया पूरी करवाने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिसूचना के अनुसार प्रवेश होने के एक महीने के भीतर संबंधित कॉलेज, विभाग या संस्थान को विद्यार्थियों के पंजीकरण फॉर्म विश्वविद्यालय को भेजने होते हैं। इस बार ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
अंतिम मंजूरी से पहले होगी जानकारी और दस्तावेजों की जांच
नई ऑनलाइन व्यवस्था के तहत संबंधित प्रधानाचार्य, विभागाध्यक्ष और निदेशक को विद्यार्थियों की ओर से दर्ज की गई जानकारी और जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करनी होगी। यह जांच फॉर्म को अंतिम मंजूरी दिए जाने से पहले की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में विद्यार्थियों की जानकारी और दस्तावेज सही तरीके से दर्ज हों।
विद्यार्थियों के लिए 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया 30 अक्टूबर तक चलेगी। विश्वविद्यालय की ओर से पंजीकरण को अनिवार्य किए जाने और इसे परीक्षा फॉर्म से जोड़ने के कारण पात्र विद्यार्थियों के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण पूरा करना महत्वपूर्ण होगा। पंजीकरण नहीं होने की स्थिति में परीक्षा फॉर्म भरने में परेशानी हो सकती है।



