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तीन दिन रोहड़ू-रामपुर में रहेंगे CM सुक्खू , ‘सरकार गांव के द्वार’ में सुनेंगे ग्रामीणों की समस्याएं

➤ 1 से 3 अक्टूबर तक रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का दौरा
➤ गांवों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और रोपवे से जुड़ी मांगें उठेंगी
➤ विद्यार्थियों से संवाद और चिट्टा विरोधी रैलियों को हरी झंडी देंगे


रोहड़ू/रामपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 1 से 3 अक्टूबर तक रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों से संवाद करने के साथ चिट्टा विरोधी रैलियों को हरी झंडी दिखाएंगे और विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। दौरे के दौरान ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनी जाएंगी। रोहड़ू-चिड़गांव दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां तेज किए जाने की पुष्टि हालिया रिपोर्ट में भी की गई है।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थलों, यातायात, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत और स्वच्छता समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की तैयारियां की जा रही हैं। रोहड़ू और चिड़गांव क्षेत्र में मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को लेकर अधिकारियों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ तैयारियों की समीक्षा भी की गई है।

1 अक्टूबर को रोहड़ू से शुरू होगा दौरा

मुख्यमंत्री 1 अक्टूबर को रोहड़ू पहुंचेंगे। यहां वह विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और चिट्टा विरोधी अभियान से जुड़ी रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री चिड़गांव जाएंगे। यहां विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। दौरे को लेकर प्रशासन ने संबंधित विभागों को तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं को सीधे सामने रखने का अवसर भी मिलेगा। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद करेंगे और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों की जानकारी लेंगे।

भटवाड़ी गांव में ग्रामीणों से संवाद

मुख्यमंत्री के ग्राम पंचायत दियूदी-मयला के भटवाड़ी गांव में रुकने का कार्यक्रम है। यहां ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा जा सके।

‘सरकार गांव के द्वार’ के तहत मुख्यमंत्री के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करने की व्यवस्था की गई है। इससे स्थानीय लोगों को सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सामने रखने का अवसर मिलता है।

2 अक्टूबर को नोग वैली के लोगों से संवाद

2 अक्टूबर, गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद दियूदी के भटवाड़ी-मयला, रोहड़ू के इंदिरा गांधी खेल मैदान और शिंगला में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

शिंगला में विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के साथ मुख्यमंत्री नोग वैली के लोगों से संवाद करेंगे। इसके बाद वह तकलेच और काशा गांव जाएंगे। काशा में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ बातचीत का कार्यक्रम है। रात में मुख्यमंत्री के पाठ गांव में रुकने का कार्यक्रम बताया गया है।

3 अक्टूबर को पाठ गांव से शुरू होंगे कार्यक्रम

3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पाठ गांव से कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे। इसके बाद नोगली में जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री रामपुर के पदम उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और चिट्टा विरोधी रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। दिन के कार्यक्रम पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री के शिमला लौटने का कार्यक्रम है।

काशापाट में सड़क और पानी की समस्याएं उठेंगी

मुख्यमंत्री के काशापाट क्षेत्र में पहुंचने के दौरान ग्रामीणों की ओर से सड़क, पेयजल, कृषि उत्पादों की ढुलाई, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की उम्मीद है। ग्रामीणों के अनुसार सर्दियों के दौरान प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी कम होने और जमने की समस्या के कारण उठाऊ पेयजल योजना की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी।

क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क और परिवहन से जुड़ी समस्याएं भी ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा हैं। स्थानीय लोगों की ओर से कृषि उत्पादों को सड़क तक पहुंचाने की सुविधा बेहतर करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी।

सौर डोगरी से स्पेन रोपवे की मांग

ग्रामीणों की ओर से सौर डोगरी से स्पेन तक रोपवे बनाने की मांग भी उठाई जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे किसानों को सेब और अन्य कृषि उत्पाद सड़क तक पहुंचाने में सुविधा हो सकती है और ढुलाई में लगने वाले समय को कम किया जा सकता है।

रोपवे की यह मांग मुख्य रूप से क्षेत्र के कृषि उत्पादों की ढुलाई को आसान बनाने से जुड़ी है। ग्रामीण मुख्यमंत्री के सामने इस प्रस्ताव को रखने की तैयारी कर रहे हैं।

पुराने स्कूल भवनों और डिस्पेंसरी का मुद्दा भी उठेगा

ग्रामीणों की ओर से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और पंचायत के 35 से 40 साल पुराने भवनों के स्थान पर नए भवन बनाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएगी। इसके साथ ही आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाने का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने काशापाट का दौरा कर कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।

रामपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री के ग्रामीण दौरे को लेकर पहले भी स्थानीय स्तर पर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, पर्यटन, शिक्षण संस्थानों और रोजगार से संबंधित मांगों को सामने रखने की तैयारी की जानकारी सामने आई थी।