➤ चंबा के थनेई स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य तत्काल प्रभाव से निलंबित
➤ स्टाफ को प्रताड़ित करने, आपत्तिजनक टिप्पणियों और फंड दुरुपयोग के गंभीर आरोप
➤ निलंबन अवधि में शिमला जिला का क्वार स्कूल तय किया गया मुख्यालय
हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थनेई में प्रशासनिक और अनुशासनिक स्तर पर शिक्षा विभाग ने बेहद सख्त कदम उठाया है। विद्यालय में कार्यरत अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य को गंभीर अनियमितताओं और शिकायतों के चलते स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को दूषित करने, साथी स्टाफ सदस्यों को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, सहकर्मियों और छात्र-छात्राओं के सामने अशोभनीय व आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के संगीन आरोप लगे हैं। इसके अलावा स्टाफ से अनुचित रूप से धन की मांग करने तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) की ग्रांट और पीटीए फंड का कथित दुरुपयोग करने के आरोपों के तहत उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से निलंबन के औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सामने आए आरोपों की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के नियम-10 के उपनियम (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अनुशासनहीनता और वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेशों के अनुसार संबंधित कार्यवाहक प्रधानाचार्य का निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय जिला शिमला के अत्यंत दूरदराज क्षेत्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्वार में निर्धारित किया गया है। नियमों के तहत उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना अपना तय मुख्यालय किसी भी सूरत में नहीं छोड़ सकेंगे।
मामले की पुष्टि करते हुए उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा विकास महाजन ने बताया कि निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में संबंधित प्रवक्ता एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पद से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण में विभागीय नियमों के अनुसार निष्पक्ष जांच और आगामी कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ आगे बढ़ाई जाएगी ताकि विद्यालयों में अनुशासन और शुचिता कायम रह सके।



