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दो दिन का हिमाचल का दौरा पूरा कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली रवाना, देखें दौरे के कुछ अहम पल

➤ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दो दिवसीय मनाली दौरा हुआ पूरा, सासे हेलीपैड से दिल्ली रवाना

➤ कड़ी सुरक्षा और बेहतरीन यातायात व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ प्रवास

➤ एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने सफल आयोजन के लिए मनालीवासियों और पुलिस प्रशासन का जताया आभार


भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दो दिवसीय मनाली दौरा गुरुवार सुबह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अपना प्रवास पूरा करने के बाद राष्ट्रपति कड़ी सुरक्षा के बीच सासे हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। उनके सुरक्षित प्रस्थान के साथ ही पिछले दो दिनों से दिन-रात एक कर रहे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। इस हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी दौरे को देखते हुए मनाली और इसके आसपास के सभी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से चाक-चौबंद किया गया था।

Glimpses of President Droupadi Murmu’s visit to Hidimba Devi Temple in Manali, Himachal Pradesh

राष्ट्रपति के तय कार्यक्रम के अनुसार मनाली से लेकर अटल टनल और ऐतिहासिक हिडिंबा मंदिर तक पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। इस दौरान सुरक्षा के साथ-साथ आम जनता के लिए यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। राष्ट्रपति के दो दिवसीय प्रवास के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती वीवीआईपी सुरक्षा के साथ-साथ शहर के सामान्य यातायात को सुचारू रूप से व्यवस्थित बनाए रखने की थी। इसके लिए विभिन्न प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की अतिरिक्त टुकड़ियों की तैनाती की गई थी, ताकि शहरवासियों और पर्यटकों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े। इस पूरे दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस, पर्यटन कारोबारियों और अन्य सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला, जिससे वीवीआईपी कार्यक्रम में किसी भी तरह की कोई अड़चन या परेशानी नहीं आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अटल सुरंग, रोहतांग, हिमाचल प्रदेश के दौरे की झलकियां

दौरा सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद एसडीएम मनाली गुंजीत सिंह चीमा ने राहत व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी मनालीवासियों का तहे दिल से आभार जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दौरा सभी के सामूहिक सहयोग से ही पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हो सका है।

प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ स्थानीय लोगों, पर्यटन कारोबारियों तथा अन्य सभी संबंधित लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता और निष्ठा से निभाया। एसडीएम ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मनाली की जनता ने पूरे दौरे के दौरान जिस अनुशासन और सहयोग का परिचय दिया है, वह काबिले तारीफ है। जनता के इसी सहयोग की बदौलत ही इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन को बिना किसी रुकावट के बेहतर तरीके से संभालने में भारी मदद मिली।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नेसमुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का दौरा किया। राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता और लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी मौजूद रहीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अटल टनल की इंजीनियरिंग विशेषताओं और निर्माण कार्य में गहरी रुचि दिखाई तथा अधिकारियों से इसके तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने आसपास के हिमालयी क्षेत्र के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य को भी निहारा।

इस अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने अटल टनल को विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसने लाहौल-स्पीति को देश के बाकी हिस्सों के और अधिक करीब ला दिया है। उन्होंने कहा कि यह टनल भारत के विजन, तकनीकी क्षमता और दूरदराज व दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

राज्यपाल ने कहा कि अटल टनल आधुनिक बुनियादी ढांचे और सामरिक विकास की शक्ति का प्रतीक है तथा चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं को पूरा करने की देश की क्षमता का प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं न केवल संपर्क सुविधा को बेहतर बनाती हैं, बल्कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विकास और नए अवसर भी उपलब्ध करवाती हैं।

टनल के उत्तरी पोर्टल पर स्थानीय लोगों ने राष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सांसद कंगना रनौत, लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, उपायुक्त किरण भड़ाना, जिला प्रशासन तथा सेना के अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति का स्वागत किया।
इसके उपरांत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मनाली के ढुंगरी स्थित सुप्रसिद्ध हिडिंबा मंदिर के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने देशवासियों की शांति, सुख-समृद्धि एवं कल्याण के लिए प्रार्थना की।


राज्यपाल ने मनाली स्थित वन विश्राम गृह का भी दौरा किया। उन्होंने यहां दुर्लभ पौधे गिंग्को बिलोबा का पौधारोपण कर पर्यावरण तथा हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के महत्व का संदेश दिया।
राज्यपाल ने पौधरोपण के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण और संवेदनशील पर्वतीय पर्यावरण में सतत विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।