शिमला में कांग्रेस का मौन प्रदर्शन और काला दिवस
जंतर-मंतर पर नेताओं से दुर्व्यवहार का कड़ा विरोध
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और सांसदों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में आज हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए काला दिवस मनाया है। शिमला में जिला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंदरजीत सिंह की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर अपनी बांहों पर काली पट्टियां बांधकर मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया और उन्होंने इस घटना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शनकारियों ने घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की जोरदार मांग की है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर कांग्रेस पार्टी काला दिवस मना रही है। ज्ञात हो कि पिछले कल मुख्यमंत्री की अगुवाई में कांग्रेस ने लोकभवन में भी इस घटना के विरोध में जमकर हल्ला बोला था। इंदरजीत सिंह ने कहा कि 6 तारीख को जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनके साथ अभद्रता की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शीर्ष नेताओं को अपनी बात रखने का मौका तक नहीं दिया गया, जो सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को संविधान के तहत अभिव्यक्ति की पूरी आजादी प्राप्त है। जिस प्रकार से लोकतंत्र और संविधान को चोट पहुंचाई जा रही है, उसके खिलाफ आज पूरे देश और प्रदेश में यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग पर अड़े हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।



