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हिमाचल कैबिनेट बैठक आज: नई औद्योगिक नीति, 7500 पदों पर भर्ती के प्रस्तावों पर नजर, शिक्षा और स्वास्थ्य पर होगी चर्चा

➤ हिमाचल कैबिनेट की बैठक में नई औद्योगिक नीति और 100 सीबीएसई स्कूल खोलने के प्रस्ताव पर हो सकता है फैसला

➤ जल शक्ति विभाग में 3000 मल्टी टास्क वर्कर, स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक नर्सों और शिक्षा विभाग में 4000 शिक्षकों की भर्ती पर होगी चर्चा

➤ एचआरटीसी अधिकारियों के लिए 30 इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध करवाने की तैयारी, बस बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाने पर भी चल रहा काम


शिमला। हिमाचल प्रदेश में शनिवार, 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। बैठक में शिक्षा, रोजगार, उद्योग और परिवहन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। प्रदेश में नई औद्योगिक नीति को मंजूरी मिलने और 100 सीबीएसई स्कूल खोलने के प्रस्ताव पर भी निर्णय हो सकता है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्ती से जुड़े प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल विचार कर सकता है। हालांकि, इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की आधिकारिक पुष्टि बैठक के फैसलों के बाद ही होगी।

प्रदेश सरकार की इस बैठक पर युवाओं, कर्मचारियों, उद्योग जगत और शिक्षा क्षेत्र की नजरें रहेंगी। यदि भर्ती प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो अलग-अलग विभागों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। वहीं, नई औद्योगिक नीति पर निर्णय होने से प्रदेश में निवेश और उद्योगों के विकास को लेकर सरकार की आगामी दिशा स्पष्ट हो सकती है।

नई औद्योगिक नीति को मिल सकती है मंजूरी

मंत्रिमंडल की बैठक में नई औद्योगिक नीति को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर विचार होने की संभावना है। औद्योगिक नीति के माध्यम से प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, उद्योगों के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए दिशा तय की जाती है।

हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना सरकार के लिए महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में नई नीति को लेकर होने वाला निर्णय उद्योग जगत और निवेशकों के लिए अहम हो सकता है। हालांकि, प्रस्तावित नीति में क्या प्रावधान होंगे, किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी और निवेशकों को किस तरह की सुविधाएं मिलेंगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

100 सीबीएसई स्कूल खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा

शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश में 100 सीबीएसई स्कूल खोलने के प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला होने की संभावना है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर राज्य में स्कूली शिक्षा के ढांचे और शिक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सकती है।

स्कूलों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा कोई भी फैसला लागू करने के लिए स्थानों का चयन, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी। फिलहाल, बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा और संभावित मंजूरी को लेकर ही जानकारी सामने आई है।

तीन विभागों में हजारों पदों पर भर्ती के प्रस्ताव

मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार से जुड़े कई प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण रहेंगे। जानकारी के अनुसार, जल शक्ति विभाग में 3000 मल्टी टास्क वर्कर, स्वास्थ्य क्षेत्र में 500 सहायक नर्सों और शिक्षा विभाग में 4000 शिक्षकों की भर्ती से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।

इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने पर संबंधित विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती से स्कूलों में स्टाफ की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में सहायक नर्सों की नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।

जल शक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्करों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इन पदों की भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, आयु सीमा, आवेदन की तारीख और चयन के तरीके को लेकर अभी कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन विषयों पर स्थिति मंत्रिमंडल के निर्णय और संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।

एचआरटीसी अधिकारियों को मिल सकती हैं 30 इलेक्ट्रिक कारें

परिवहन क्षेत्र में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अधिकारियों के लिए 30 नई इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य ईंधन खर्च में बचत करना बताया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एचआरटीसी की समीक्षा बैठक के दौरान इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रस्ताव पर काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

सरकार परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी काम कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एचआरटीसी के बेड़े में कुल करीब 3100 बसें हैं। इनमें 400 इलेक्ट्रिक बसें शामिल बताई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने में ही 297 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी गई थीं।

सरकार का लक्ष्य एचआरटीसी के कुल बस बेड़े के 50 प्रतिशत हिस्से को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का है। इस दिशा में आगे बढ़ने से डीजल पर होने वाले खर्च को कम करने और परिवहन व्यवस्था में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक बसों से डीजल खर्च में बचत का दावा

एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों से प्रतिदिन करीब 8 लाख रुपये के डीजल खर्च की बचत होने की जानकारी दी गई है। इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल बढ़ने से परिचालन लागत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक बचत बसों की संख्या, संचालन मार्गों, बिजली की लागत और रखरखाव जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।

अधिकारियों के लिए 30 इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध करवाने की तैयारी और बस बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाने की योजना परिवहन क्षेत्र में बदलाव की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और समयसीमा को लेकर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

बैठक के फैसलों पर रहेगी सबकी नजर

शनिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में औद्योगिक नीति, स्कूलों, भर्ती और परिवहन से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रह सकते हैं। खास तौर पर हजारों पदों पर भर्ती के प्रस्तावों से युवाओं को उम्मीदें हैं, जबकि शिक्षा क्षेत्र में 100 सीबीएसई स्कूल खोलने की योजना पर भी ध्यान रहेगा।

फिलहाल, इन प्रस्तावों पर चर्चा और संभावित मंजूरी की जानकारी ही सामने आई है। कौन से प्रस्ताव स्वीकृत होंगे, भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी और नई औद्योगिक नीति में क्या प्रावधान होंगे, इसका स्पष्ट पता मंत्रिमंडल की बैठक के आधिकारिक निर्णयों के बाद ही चलेगा।