➤ हिमाचल पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को शारीरिक परीक्षा और ग्राउंड टेस्ट से छूट देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी
➤ ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार को एक लाख और घायल होने पर 25 हजार रुपये की सहायता
➤ पुलिस कांस्टेबल भर्ती में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए 15 प्रतिशत पद आरक्षित, आयु सीमा में भी मिलती है छूट
हिमाचल प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे होमगार्ड जवानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने पुलिस भर्ती के दौरान होमगार्ड स्वयंसेवकों को शारीरिक मानक परीक्षा और ग्राउंड टेस्ट से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से उन होमगार्ड जवानों को लाभ मिल सकता है, जो पुलिस विभाग में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने होमगार्ड जवानों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता देने का भी फैसला लिया है। ड्यूटी के दौरान किसी होमगार्ड जवान की मौत होने पर उसके परिवार को होमगार्ड वेलफेयर फंड से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, ड्यूटी के दौरान घायल होने पर संबंधित जवान को 25 हजार रुपये की सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को क्या मिलेगी राहत
हिमाचल प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल भर्ती के दौरान होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए पहले से ही कुछ विशेष प्रावधान लागू हैं। भर्ती में होमगार्ड श्रेणी के लिए करीब 15 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाते हैं। इसके अलावा, सामान्य अभ्यर्थियों की तुलना में होमगार्ड जवानों को आयु सीमा में भी छूट देने का प्रावधान है। अब मंत्रिमंडल से शारीरिक परीक्षा और ग्राउंड टेस्ट में छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया में उनके लिए एक और राहत का रास्ता साफ हुआ है।
अब तक इन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता था
पुलिस भर्ती की मौजूदा प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को शारीरिक मानक परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना पड़ता है। शारीरिक मानक परीक्षा के तहत उम्मीदवारों की लंबाई और छाती की माप की जाती है। वहीं, शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़, ऊंची कूद और लंबी कूद जैसी स्पर्धाएं पूरी करनी होती हैं। होमगार्ड जवानों को भी भर्ती प्रक्रिया के दौरान इन परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता था। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद उन्हें इन प्रक्रियाओं से छूट देने का प्रस्ताव आगे बढ़ेगा। हालांकि, छूट किन शर्तों पर लागू होगी, इसका विस्तृत विवरण संबंधित आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
ड्यूटी के दौरान मौत और घायल होने पर मिलेगी आर्थिक सहायता
प्रदेश में होमगार्ड जवान विभिन्न विभागों और सार्वजनिक व्यवस्थाओं में ड्यूटी निभाते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान मौत होने या घायल होने की स्थिति में उनके परिवारों और स्वयं जवानों को आर्थिक मदद देने का फैसला महत्वपूर्ण है। तय प्रावधान के अनुसार, ड्यूटी के दौरान किसी जवान की मौत होने पर उसके परिवार को होमगार्ड वेलफेयर फंड से एक लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले जवान को 25 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले होमगार्ड जवानों और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा देना है।
आधिकारिक आदेश के बाद स्पष्ट होंगी छूट की शर्तें
मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को शारीरिक मानक परीक्षा और ग्राउंड टेस्ट से छूट देने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। आधिकारिक आदेश में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि छूट किन पदों, परिस्थितियों और पात्रता शर्तों के तहत लागू होगी। इसलिए भर्ती की तैयारी कर रहे होमगार्ड जवानों को अंतिम नियमों और भर्ती अधिसूचना पर नजर रखनी होगी। मंत्रिमंडल की मंजूरी को प्रस्ताव के कार्यान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है, लेकिन वास्तविक लाभ संबंधित नियम और आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मार्च तक खाली पद भरने का दावा
इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मार्च तक खाली पदों को भरने का दावा किया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि यह समयसीमा किन-किन विभागों और पदों पर लागू होगी। ऐसे में विभिन्न सरकारी भर्तियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विभागों की आधिकारिक अधिसूचनाओं और भर्ती कार्यक्रमों पर नजर रखना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के इस फैसले से पुलिस भर्ती में शामिल होने की तैयारी कर रहे होमगार्ड जवानों को संभावित राहत मिल सकती है। वहीं, ड्यूटी के दौरान मौत या घायल होने की स्थिति में आर्थिक सहायता का प्रावधान उनके कल्याण से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला है। अब सभी की नजरें इन प्रावधानों को लागू करने के लिए जारी होने वाले विस्तृत आदेशों पर रहेंगी।



