हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 8.55 लाख विद्यार्थियों को दी जाने वाली निशुल्क स्मार्ट वर्दी के देने में हो रही देरी पर प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को नोटिस दिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि वर्दी आवंटन में देर क्यों हो रही है। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
राज्य खाद्य आपूर्ति निगम ने वर्दी खरीद में देरी होने के लिए शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराया था। निगम के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। शिक्षा विभाग के पास ढाई महीने से अंतिम अनुमोदन की फाइल फंसी है। प्रदेश सरकार ने अटल स्कूल यूनिफॉर्म योजना के तहत इस साल सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी देने का निर्णय लिया था।
प्रदेश सरकार एक साथ तीन साल की वर्दी खरीदने जा रही है। वर्ष 2018 से 2020 तक के लिए वर्दी खरीदने का फैसला लिया गया है। पहली कक्षा से दस जमा दो कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी के दो-दो सेट मुफ्त दिए जाएंगे। पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सिलाई का पैसा भी दिया जाना है।
वहीं, शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट का नोटिस आया है। इसका जवाब जल्द दायर किया जाएगा।



