भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व में बाग़वानी मंत्री रहे वर्तमान में विधायक मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा का पीजीआई चंडीगढ़ मे आज दुःखद निधन हो गया है। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और पीजीआई में उपचाराधीन थे। शुक्रवार को ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पीजीआई चंडीगढ़ जाकर उनका हाल चाल जाना था। वह बीते 15 दिन से चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती थे।
इससे पहले नरेंद्र बरागटा 13 अप्रैल 2021 को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद से से उनकी सेहत लगातार गिरती गयी और वह रिकवर नहीं कर पाए और अब उनका निधन हो गया है। नरेन्द्र बरागटा के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरागटा का इस तरह चले जाना भाजपा के लिए कभी पूर्ण न होने वाली क्षति है।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएस बाली ने भी नरेन्द्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। जीएस बाली ने बताया कि बरागटा का निधन कभी ने पूर्ण होने वाली क्षति है। जिसको कभी पूरा नहीं किया जा सकता। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
नरेंद्र बरागटा का जन्म 15 सितंबर 1952 को शिमला जिले के जुब्बल कोटखाई में हुआ था। उन्होंने हिमाचल यूनिवर्सिटी से राजनीतिक विज्ञान पोस्ट ग्रेजुएशन की थी। साल 1978-82 में वह जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। साल 1993 से 98 तक उन्हें जिला भाजपा का सचिव बनाया गया। इसके अलावा वह भाजपा राष्ट्रीय किसान मोर्टा के सचिव भी रहे। पहली बार वह साल 1998 में विधायक बने।
इसके बाद दोबारा जुब्बल कोटखाई से 2007 में विधायक बने और प्रदेश भाजपा की धूमल सरकार ने बागवानी मंत्री बनाया गया। डॉ राजीव बिंदल का इस्तीफा देने के बाद उन्हें स्वास्थ्य महकमा भी सौंपा गया। बरागटा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी रहे हैं। बरागटा 2017 में जुब्बल कोटखाई से भाजपा के विधायक बने। हालांकि, इस बार उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया। लेकिन उनकी वरिष्ठता को देखते हुए सरकार ने उन्हें विधानसभा का मुख्य सचेतक नियुक्त किया था।



