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21–22 जनवरी को हर पंचायत में बजेगा एंटी चिट्टा अलार्म, ग्राम सभाओं से चलेगा बड़ा अभियान

➤ 21–22 जनवरी को हर ग्राम पंचायत में होगी एंटी चिट्टा ग्राम सभा
➤ प्रीमियर लीग की तर्ज पर राज्यभर में खेल टूर्नामेंट से जागरूकता
➤ चिट्टा से बनी अवैध सम्पत्तियां होंगी ध्वस्त


हिमाचल प्रदेश में चिट्टा के खिलाफ अब जमीनी स्तर पर बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि 21 और 22 जनवरी 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी।

इन ग्राम सभाओं में चिट्टा से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा, नशे की लत में फंसे स्थानीय युवाओं के पुनर्वास, पंचायत स्तर पर नशे की सम्पूर्ण मैपिंग और आवश्यक कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी। अन्य विभागों के अधिकारियों को इन बैठकों में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चिट्टा के दुष्प्रभावों से लोगों को जागरूक करने के लिए राज्यव्यापी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश भर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। इनमें कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबाल की प्रतियोगिताएं होंगी, जो ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर कराई जाएंगी। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री द्वारा ईनाम राशि भी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि चिट्टा तस्करी और सप्लाई चेन तोड़ने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है। तस्करों की अवैध सम्पत्तियों की पहचान कर ली गई है और इन्हें ध्वस्त किया जाएगा।

शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल पाठ्य पुस्तकों में चिट्टा के दुष्प्रभावों पर एक अध्याय जोड़ा जाए, ताकि विद्यार्थियों को शुरू से ही नशे के खतरे समझाए जा सकें।

इसके साथ ही पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों में ग्राम पंचायत प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं। एफपीओ और महिला मंडलों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु, महाधिवक्ता अनूप रतन, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।