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वन माफिया इतने बेखौफ क्यों? भाजपा ने उठाए बड़े सवाल

➤ बिलासपुर में खैर तस्करी के दौरान वन कर्मियों को कुचलने का प्रयास
➤ भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर कानून-व्यवस्था विफल होने का लगाया आरोप
➤ वन माफिया पर सख्त कार्रवाई और विशेष टास्क फोर्स की मांग


बिलासपुर जिला में अवैध खैर कटान और तस्करी के दौरान रेंज ऑफिसर सहित पांच वन कर्मियों को वाहन से कुचलने के प्रयास की घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा और प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा नेताओं ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि वन माफिया के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे सरकारी अधिकारियों की जान लेने से भी नहीं हिचक रहे। बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि यह घटना स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं।

शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अवैध खैर कटान और वन संपदा की तस्करी में वृद्धि प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम है। करोड़ों रुपये की वन संपदा की लूट हो रही है, लेकिन सरकार प्रभावी और ठोस कार्रवाई करने में असफल रही है। उन्होंने इसे प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर पर सीधा हमला बताया।

प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने कहा कि यह घटना केवल वन विभाग पर हमला नहीं, बल्कि प्रदेश की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह है। यदि रेंज ऑफिसर और वन कर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा की क्या गारंटी रह जाती है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और हिमाचल की हरित छवि को नुकसान पहुंच रहा है।

भाजपा नेताओं ने मांग की कि वन माफिया के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और दोषियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा चलाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। साथ ही वन अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रोटोकॉल और टास्क फोर्स गठित करने की भी मांग की गई है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भाजपा प्रदेशभर में जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी।