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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP, जेपी नड्डा ने दिया बातचीत का आश्वासन

सीजेपी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से की मुलाकात

सवा दो घंटे के इंतजार के बाद 10 मिनट की हुई मीटिंग, सौंपा अपनी मांगों का ज्ञापन

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर सरकार ने दिया भरोसा


राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का ‘चलो संसद’ मार्च लगातार जारी है। इस बीच, विरोध प्रदर्शन और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच एक अहम घटनाक्रम में CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) से मुलाकात की है। जंतर-मंतर पर चल रहे इस उग्र प्रदर्शन के बीच सरकार ने पहली बार बातचीत का न्योता दिया, जिसके बाद यह मुलाकात तय हुई।

मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं। सीजेपी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने पार्टी की तरफ से जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। सीजेपी नेताओं के अनुसार, उन्हें केंद्रीय मंत्री से मिलने के लिए दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद लगभग 10 मिनट तक उनकी अहम बैठक चली। इस दौरान सीजेपी डेलीगेशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अपनी मांगों से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

इस ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें रखी गई हैं। इसमें अस्पताल से सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की तत्काल रिहाई, नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) का इस्तीफा और इस विवाद के कारण जान गंवाने वाले नीट उम्मीदवारों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग शामिल है।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी देते हुए कहा, “हमने अपनी मांगों का लिखित पत्र सौंप दिया है। जेपी नड्डा जी ने आश्वासन दिया है कि वह इस विषय पर पार्टी नेतृत्व से आंतरिक रूप से चर्चा करेंगे”। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी एक बयान जारी कर कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपना धरना खत्म करने और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करने की अपील की है।

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब संसद भवन की ओर मार्च कर रहे सीजेपी समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली है। बैरिकेड्स तोड़ने के प्रयास के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और कई लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।