➤ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चुनिंदा बहुतकनीकी महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जोड़कर संयुक्त कोर्स शुरू करने की घोषणा की
➤ आईटी क्षेत्र में कुशल कार्यबल की मांग को देखते हुए सरकार AI और डाटा साइंस के नए डिप्लोमा कोर्स पर दे रही है विशेष ध्यान
➤ राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय बड़ू हमीरपुर में डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एंड आईओटी आरंभ किया गया, जिसमें 51 सीटें रखी गई हैं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कहा है कि तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के चुनिंदा बहुतकनीकी महाविद्यालयों में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जोड़कर संयुक्त कोर्स शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई क्षेत्र के बढ़ते महत्व और वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कुशल कार्य बल की मांग को देखते हुए प्रदेश सरकार एआई और डाटा साइंस के नए डिप्लोमा कोर्स शुरू करने पर विशेष ध्यान दे रही है। यह कदम हिमाचल के युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सुक्खू ने जानकारी दी कि प्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित बहुतकनीकी महाविद्यालयों में शामिल राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय बड़ू हमीरपुर में भी डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एंड आईओटी (IoT) आरंभ किया गया है। इस संयुक्त कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षु कंप्यूटर साइंस के पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र के बारे में भी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे वे अपने लिए सुनहरा भविष्य तलाश सकते हैं।
शिमला जिले में राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय रोहड़ू के बाद, हमीरपुर में भी पिछले वर्ष से यह संयुक्त डिप्लोमा कोर्स आरंभ कर दिया गया है, जिसमें कुल 51 सीटें निर्धारित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस संयुक्त डिप्लोमा कोर्स में युवाओं के लिए अच्छी संभावनाएं हैं और यह उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों, जैसे आर्था, सृष्टि चौहान, आर्यन चोपड़ा और अन्य ने भी इस पहल पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर में डिप्लोमा इन कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एंड आईओटी आरंभ होने से प्रदेश के युवाओं को बहुत सुविधा होगी, क्योंकि वे अपने घर के पास ही यह आधुनिक कोर्स कर सकेंगे। विद्यार्थियों ने माना कि आईओटी और एआई एक नया उभरता हुआ क्षेत्र है और इसमें युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं।



