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जी.एस. बाली बाल मेले के मंच से मुख्यमंत्री सुक्खू भावुक, बोले- बाली का विकास विजन आज भी हमारी सरकार की प्रेरणा

 

➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने जी.एस. बाली को बताया विकास की दूरदर्शी सोच वाला जननेता
➤ नगरोटा बगवां के लिए तीन बड़ी घोषणाएं, बड़ोह पुलिस थाना, पीएचसी और मिनी सचिवालय का सपना होगा पूरा
➤ कहा- व्यवस्था परिवर्तन का वादा निभाया, शिक्षा, स्वास्थ्य और ओपीएस पर किए ऐतिहासिक फैसले


नगरोटा बगवां। विकास पुरुष स्वर्गीय जी.एस. बाली की स्मृति में आयोजित बाल मेले के विशाल मंच से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भावुक संबोधन देते हुए स्वर्गीय जी.एस. बाली के साथ बिताए अपने अनुभवों को हजारों लोगों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि जी.एस. बाली केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं थे, बल्कि विकास की नई सोच रखने वाले ऐसे नेता थे, जिन्होंने पूरे प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नगरोटा बगवां में उमड़ा विशाल जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि जी.एस. बाली आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जी.एस. बाली इलाज के लिए जा रहे थे, तब वह स्वयं उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने गए थे। उस समय बाली ने उनसे कहा था, “जब मैं वापस आऊंगा तो हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनाएंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पल आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है। उन्होंने कहा कि भले ही जी.एस. बाली आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका विकास का सपना और जनता के प्रति समर्पण आज भी सरकार को प्रेरित करता है।

नितिन गडकरी से नगरोटा के विकास की लड़ाई का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस. बाली की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से गहरी मित्रता थी। जब फोरलेन परियोजना पर चर्चा हुई तो बाली ने स्पष्ट कहा था कि नगरोटा बगवां को भी फोरलेन से जोड़ा जाए। उन्होंने रानीताल-बड़ोह सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कराने की मांग भी मजबूती से उठाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में 59 राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा हुई, लेकिन वे आज तक धरातल पर नहीं उतर सके। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जी.एस. बाली का नगरोटा के विकास का सपना अवश्य पूरा होगा।

“नगरोटा का सबसे अधिक विकास जी.एस. बाली ने किया”

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस. बाली ने अपने राजनीतिक जीवन में सबसे अधिक विकास नगरोटा बगवां का किया। उनका घर हमेशा आम लोगों के लिए खुला रहता था। जो भी व्यक्ति मदद के लिए आता था, उसके रहने और भोजन तक की व्यवस्था की जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने जी.एस. बाली से पूछा कि इतना विकास करने के बावजूद चुनाव कैसे हार गए, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि “पूरे हिमाचल के कई नेता मेरे खिलाफ हो गए, क्योंकि सबसे अधिक नौकरियां मैंने नगरोटा बगवां के युवाओं को दिलवाईं।”

आरएस बाली की सराहना, कहा- विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें संतोष है कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली अपने पिता की जनसेवा और विकास की विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बाल मेला किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह स्वर्गीय जी.एस. बाली की स्मृति, समाजसेवा और जनकल्याण को समर्पित है।

मंच से नगरोटा के लिए तीन बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंच से सामान्यतः घोषणाएं नहीं की जातीं, लेकिन जी.एस. बाली की स्मृति में इससे बेहतर अवसर कोई नहीं हो सकता। उन्होंने नगरोटा बगवां के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

बड़ोह में मिनी सचिवालय स्थापित किया जाएगा।
बड़ोह क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करते हुए पीएचसी/सीएचसी का विस्तार किया जाएगा।
बड़ोह पुलिस चौकी को अपग्रेड कर थाना बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीनों घोषणाओं को सरकार प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी।

सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिज मैदान में शपथ लेते समय उन्होंने वादा किया था कि उनकी सरकार सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कर्मचारी कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में सीबीएसई पैटर्न के राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं तथा 150 से अधिक सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इसके चलते 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नया नामांकन हुआ है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में पीजी की 100 सीटें बढ़ाने के साथ पूरे प्रदेश के मेडिकल कालेज में सीटे बढ़ेंगी और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को बेहतर इलाज प्रदेश में ही उपलब्ध कराना है।

ओपीएस, आपदा राहत और भाजपा पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कर्मचारियों से किया गया वादा निभाते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय व्यवस्था में कई खामियां थीं, जिन्हें उनकी सरकार ने दूर किया है।

प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 23 हजार से अधिक घर प्रभावित हुए, लेकिन सरकार ने अपनी सीमित आर्थिक क्षमता के बावजूद लोगों को राहत देने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन समय में विपक्ष का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।