-
शिक्षकों के निलंबन पर हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव और डायरेक्टर को नोटिस जारी किया
-
13 मई को होगी सुनवाई, समय पर जवाब न देने पर रिकॉर्ड के आधार पर होगा फैसला
-
दस शिक्षकों का निलंबन बना विवाद, याचिका में सरकार पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
Himachal Teacher Suspension:हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्राथमिक शिक्षकों के निलंबन के मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें शिक्षा सचिव और निदेशक से जवाब मांगा गया है। यह आदेश न्यायाधीश संदीप शर्मा ने दिया, जिन्होंने सरकार से स्पष्ट किया है कि यदि समय पर जवाब न मिला, तो कोर्ट याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर ही निर्णय सुना देगा। मामले की अगली सुनवाई 13 मई को निर्धारित की गई है।
मामला उस दिन से जुड़ा है जब 26 अप्रैल को प्राथमिक शिक्षकों ने चौड़ा मैदान में धरना प्रदर्शन किया। उसी दिन शिक्षा विभाग ने चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद शिक्षक शिक्षा निदेशालय के बाहर क्रमिक अनशन पर बैठ गए। इस क्रम में बाद में छह और शिक्षकों को निलंबित किया गया। अब तक कुल दस शिक्षकों को निलंबन का सामना करना पड़ा है।
निलंबन आदेश को चुनौती देने के लिए जगदीश शर्मा, संजय, प्रताप ठाकुर और राम सिंह राव ने संयुक्त रूप से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकार ने उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को दबाने की मंशा से यह एकतरफा कार्रवाई की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निलंबन के साथ-साथ उनके हेडक्वार्टर को भी दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया, जबकि इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी।
प्राथमिक अध्यापक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सरकार शिक्षकों की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और अनुचित बताया।



