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धारा 118 पर सियासी टकराव, जयराम की सुक्खू सरकार को चेतावनी

धारा 118 में छेड़छाड़ के आरोप लगाए जयराम ठाकुर ने
सुक्खू सरकार पर प्रदेश हित बेचने का आरोप
बड़सर में लोगों से बिना मिले लौटे मुख्यमंत्री : जयराम


शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 में सरलीकरण के नाम पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को भाजपा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के हित को दांव पर लगाकर अपने व्यापारी मित्रों और माफिया को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सत्ता में आई, लेकिन पहले दिन से ही प्रदेश की संपत्तियों, संसाधनों और धरोहरों को बेचने की तैयारियों में जुटी है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब भ्रष्ट अधिकारियोंमाफियाओं के प्रभाव में आकर सट्टा और जुआ को कानूनी करने के फैसले ले चुके हैं और अब प्रदेश की भूमि को भी सट्टे पर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने धार्मिक संगठनों को धारा 118 में छूट देने का संसद और विधानसभा में विरोध किया था, लेकिन सरकार लगातार रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है जिससे भविष्य में हिमाचल के हित नीलाम हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की 40 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अपने मित्रों को बेचना चाहती थी। न्यायालय के दखल के बाद इस डील पर फिलहाल रोक लगी है। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार 20 से ज्यादा होटल बेचने, अवैध खनन, तथा उद्योगों से वसूली जैसे मामलों में भी अपने लोगों को फायदा पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा हिमाचल, हिमाचलियत और प्रदेश की संपत्ति की रक्षा को प्रतिबद्ध है और धारा 118 को छूने की कोशिश भी नहीं करने देगी। यदि सरकार ने ऐसा किया तो भाजपा सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।

बड़सर में मुख्यमंत्री की यात्रा का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वहां लोगों की भारी संख्या जुटी थी, बुजुर्ग और दिव्यांग उनके सामने अपनी पेंशन और सहारा योजना बंद होने की शिकायत करना चाहते थे। लेकिन मुख्यमंत्री लोगों से बिना मिले ही लौट गए। उन्होंने कहा कि पेंशन नहीं मिलना जनता के सम्मान पर चोट है।

उन्होंने यह भी कहा कि बड़सर सिविल अस्पताल को 100 बेड का अस्पताल बनाने का बार-बार ऐलान होने के बाद भी तीन साल में एक ईंट भी नहीं रखी गई। उल्टा संस्थाओं को बंद करने और देरी कराने में ही सरकार का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए जो भी संघर्ष करना पड़ेगा, करेगी।