➤ धर्मशाला कॉलेज की पूर्व छात्रा पल्लवी मौत मामले में UGC ने लिया संज्ञान, फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के निर्देश
➤ रैगिंग और यौन प्रताड़ना के आरोपों पर प्रोफेसर सहित चार पर FIR, 36 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं
➤ राज्य महिला आयोग ने एसपी कांगड़ा से मांगी पूरी रिपोर्ट, जांच में तेजी के निर्देश
धर्मशाला। धर्मशाला कॉलेज की पूर्व छात्रा पल्लवी की रैगिंग के बाद हुई मौत के मामले में अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कॉलेज प्रशासन को फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी।
UGC ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कमेटी कॉलेज में लागू एंटी-रैगिंग व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र की भी गहन समीक्षा करेगी।
इधर, राज्य महिला आयोग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी कांगड़ा से पूरी रिपोर्ट तलब की है। आयोग की चेयरपर्सन विद्या नेगी ने इसे संवेदनशील मामला बताते हुए निष्पक्ष और तेज जांच के निर्देश दिए हैं।
परिजनों की शिकायत पर भूगोल के प्रोफेसर अशोक कुमार समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि तीन छात्राओं ने रैगिंग की, जबकि प्रोफेसर पर यौन और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के 36 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डीएसपी निशा कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने देर रात तक छात्रा के घर पर जांच की। चूंकि पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ और अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है, ऐसे में सबूत जुटाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।आरोपित प्रोफेसर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।
पुलिस इन अहम सुरागों पर निर्भर:
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डाइंग डिक्लेरेशन: इलाज के दौरान रिकॉर्ड किए गए पल्लवी के वीडियो बयान जब्त, इन्हें अहम सबूत माना जा रहा है।
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मेडिकल हिस्ट्री: अस्पतालों से एक्स-रे, सीटी स्कैन और ब्लड रिपोर्ट्स तलब, मौत के वास्तविक कारणों की पड़ताल।
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डिजिटल रिकॉर्ड: मृतका, आरोपी प्रोफेसर और छात्राओं के मोबाइल व कॉल डिटेल्स की जांच।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
महिला आयोग ने स्पष्ट कहा है कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। एसपी कांगड़ा से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सिलसिलेवार जानें पूरा मामला
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रैगिंग का आरोप: पल्लवी धर्मशाला कॉलेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। रैगिंग और यौन उत्पीड़न से मानसिक रूप से परेशान थी।
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वीडियो बयान: मौत से पहले छात्रा ने एक वीडियो में एक प्रोफेसर और तीन छात्राओं का नाम लिया।
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बैड टच का आरोप: वीडियो में छात्राओं द्वारा मारपीट और धमकी, तथा प्रोफेसर पर आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप।
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कॉलेज से नाम कटना: एक नंबर से परीक्षा में चूकने के बाद नाम काटा गया, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में भी कथित बदसलूकी।
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डिप्रेशन: घटनाओं के बाद छात्रा गहरे अवसाद में चली गई, लंबे समय तक इलाज चला।
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CM हेल्पलाइन शिकायत: परिजनों ने 1100 पर शिकायत की, पुलिस जांच के लिए पहुंची।
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मौत: हालत बिगड़ने पर लुधियाना के डीएमसी में भर्ती, 26 दिसंबर को मौत।



