➤ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ससुराल हिमाचल के मंडी जिले में है
➤ एबीवीपी के कार्यक्रम में हुई थी धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर की पहली मुलाकात
➤ 1998 में दोनों ने की शादी, मृदुला ठाकुर हिमाचल विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति से जुड़ी रहीं
मंडी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों राष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनके राजनीतिक जीवन के बारे में तो अधिकांश लोग जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि उनका हिमाचल प्रदेश से गहरा पारिवारिक रिश्ता भी है। धर्मेंद्र प्रधान का ससुराल मंडी जिले के धर्मपुर उपमंडल के कोठुआ (कोठुवां) गांव में स्थित है।
उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की रहने वाली हैं और छात्र जीवन के दौरान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सक्रिय छात्र राजनीति का हिस्सा रही हैं। यही छात्र राजनीति दोनों की मुलाकात का कारण बनी।
एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यक्रम में हुई पहली मुलाकात
धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर की पहली मुलाकात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के एक राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान हुई थी। उस समय दोनों संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
कार्यक्रमों के दौरान शुरू हुई पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और समय के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आए। लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद दोनों ने विवाह का निर्णय लिया।
1998 में शादी के बंधन में बंधे धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर
धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर ने वर्ष 1998 में विवाह किया। इसके बाद भी दोनों सार्वजनिक जीवन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे।
मृदुला ठाकुर के माता-पिता भगत राम ठाकुर और रामप्यारी ठाकुर शिक्षा विभाग में सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए। उनका परिवार लंबे समय से मंडी जिले के कोठुआ गांव में निवास करता है।
शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ा रहा परिवार
मृदुला ठाकुर के परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं। परिवार के अधिकांश सदस्य शिक्षा और अन्य पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े रहे हैं। केंद्रीय राजनीति में सक्रिय रहने के कारण धर्मेंद्र प्रधान का हिमाचल आना-जाना पहले की तुलना में कम हो गया है, लेकिन उनका पारिवारिक संबंध आज भी प्रदेश से जुड़ा हुआ है।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर, आज देश के शिक्षा मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा में हुआ था। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और बाद में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में अपनी पहचान बनाई।
वह केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। वर्तमान में वह भारत सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।



