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राज्यपाल का संक्षिप्त अभिभाषण, आरडीजी पर टकराव की आहट; 2:45 बजे तक स्थगित हुई विधानसभा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से
➤ पैराग्राफ 3 से 16 पर आपत्ति जताकर अभिभाषण दो मिनट में समाप्त
➤ आरडीजी मुद्दे पर पहले ही दिन चर्चा का प्रस्ताव, हंगामे के आसार


शिमला में सोमवार दोपहर 2 बजे से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से हुई। हालांकि राज्यपाल ने पूरा भाषण नहीं पढ़ा और कहा कि अभिभाषण के पैराग्राफ 3 से 16 तक सांविधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी है।

राज्यपाल का संबोधन मात्र दो मिनट एक सेकेंड में समाप्त हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को 2:45 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को विधानसभा पहुंचने पर हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा युवाओं के रोजगार, गरीबों और किसानों से जुड़ा है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

अभिभाषण के बाद सत्तापक्ष ने केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने पर नियम 102 के तहत चर्चा का प्रस्ताव रखा है, जिसे कार्यसूची में शामिल कर लिया गया है। इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।

विपक्ष राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की मांग कर सकता है। टकराव की स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

चौदहवीं विधानसभा का यह ग्यारहवां सत्र और वर्तमान सरकार का चौथा बजट सत्र है। पहले चरण में सत्र 16, 17 और 18 फरवरी को निर्धारित है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है।