➤ भाजपा ने मतदाता पालन प्रकोष्ठ में नई नियुक्तियां कीं, तिलक रपोचा प्रदेश संयोजक बने
➤ अजीव कुमार और हुकम चंद भाटिया को प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी
➤ नवनियुक्त पदाधिकारियों को मंडल और बूथ स्तर तक मतदाता संबंधी गतिविधियां मजबूत करने का जिम्मा
हिमाचल प्रदेश भाजपा ने संगठन को और सक्रिय करने की दिशा में मतदाता पालन प्रकोष्ठ में नई नियुक्तियां की हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अधिवक्ता तिलक रपोचा को प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है। वहीं अजीव कुमार और हुकम चंद भाटिया को प्रदेश सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
भाजपा के प्रदेश संगठन में इन नियुक्तियों को मतदाताओं से जुड़े संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नवनियुक्त पदाधिकारियों के सामने मतदाता संबंधी गतिविधियों को मंडल से लेकर बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जिम्मेदारी रहेगी।
तिलक रपोचा को मिली प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार अधिवक्ता तिलक रपोचा को मतदाता पालन प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। तिलक रपोचा ज्वाली मंडल से संबंधित हैं।
प्रदेश संयोजक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी प्रकोष्ठ की गतिविधियों को प्रदेश स्तर पर समन्वित करने और संगठन के विभिन्न स्तरों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने की रहेगी। पार्टी के मतदाता संपर्क से जुड़े कार्यक्रमों को मंडल और बूथ स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना भी इस जिम्मेदारी का अहम हिस्सा होगा।
अजीव कुमार और हुकम चंद भाटिया बने सह-संयोजक
भाजपा ने प्रकोष्ठ में दो प्रदेश सह-संयोजकों की भी नियुक्ति की है। अजीव कुमार और हुकम चंद भाटिया को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अजीव कुमार श्री नैना देवी जी मंडल से संबंधित हैं, जबकि हुकम चंद भाटिया अर्की मंडल से जुड़े हैं। दोनों पदाधिकारियों को संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने और मतदाता संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इन नियुक्तियों के साथ भाजपा ने मतदाता पालन प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तर पर नेतृत्व और समन्वय की व्यवस्था को नया रूप दिया है।
तत्काल प्रभाव से लागू होंगी नियुक्तियां
प्रदेश भाजपा कार्यालय की ओर से जारी नियुक्ति पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। यानी नवनियुक्त पदाधिकारी अब अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन शुरू कर सकेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन की जिम्मेदारियों को सक्रियता और गंभीरता के साथ निभाने की अपेक्षा जताई है। पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठनात्मक दायित्वों को प्रभावी ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
मंडल और बूथ स्तर तक पहुंचाने होंगे मतदाता से जुड़े अभियान
नवनियुक्त पदाधिकारियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मतदाता संबंधी गतिविधियों को मंडल और बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की होगी। भाजपा संगठन में ऐसे प्रकोष्ठों के माध्यम से मतदाताओं से जुड़े विषयों को उठाने, संपर्क अभियानों को गति देने और संगठनात्मक समन्वय मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
ऐसे में नए पदाधिकारियों की भूमिका केवल प्रदेश स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें संगठन के निचले स्तर तक गतिविधियों को सक्रिय करने पर भी काम करना होगा। बूथ स्तर पर संगठन की पहुंच और मतदाताओं के साथ संपर्क को मजबूत करना इस तरह की संगठनात्मक जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
मतदाता संपर्क को मजबूत करने की कोशिश
भाजपा की ओर से समय-समय पर विभिन्न प्रकोष्ठों और संगठनात्मक इकाइयों में जिम्मेदारियां तय की जाती हैं। मतदाता पालन प्रकोष्ठ के जरिए मतदाताओं से जुड़े विषयों, संपर्क अभियानों और संगठनात्मक समन्वय को गति देने का प्रयास किया जाता है।
नई नियुक्तियों के बाद पार्टी को उम्मीद है कि प्रकोष्ठ की गतिविधियों में और तेजी आएगी। प्रदेश संयोजक और सह-संयोजकों के स्तर पर जिम्मेदारियां तय होने से संगठन के अलग-अलग हिस्सों के बीच समन्वय बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
विशेष रूप से मंडल और बूथ स्तर पर गतिविधियों को सक्रिय करने के लिए नवनियुक्त पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। पार्टी संगठन की ओर से दिए गए दायित्वों को प्रभावी तरीके से लागू करना अब उनके सामने अगली बड़ी चुनौती होगी।
संगठनात्मक गतिविधियों को मिलेगी नई जिम्मेदारी
हिमाचल भाजपा की इन नियुक्तियों को संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां बांटने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। तिलक रपोचा को प्रदेश संयोजक और अजीव कुमार तथा हुकम चंद भाटिया को सह-संयोजक बनाए जाने के बाद अब प्रकोष्ठ के कामकाज को नई टीम के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदेश नेतृत्व की ओर से नवनियुक्त पदाधिकारियों से सक्रियता के साथ काम करने की अपेक्षा की गई है। वहीं प्रकोष्ठ के माध्यम से मतदाताओं से जुड़े विषयों और संपर्क अभियानों को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
अब देखना होगा कि नई टीम मंडल और बूथ स्तर पर मतदाता संपर्क अभियान को किस तरह गति देती है और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में इस प्रकोष्ठ की गतिविधियों को कितना प्रभावी बनाया जाता है।



