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हिमाचल कैबिनेट में RDG पर मंथन: बजट का 13% हिस्सा खत्म, बढ़ा वित्तीय दबाव

➤ सचिवालय में सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक जारी

➤ RDG बंद होने से हर साल करीब 10 हजार करोड़ का असर

➤ कल सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक, सभी दलों से मांगे जाएंगे सुझाव


: हिमाचल प्रदेश सचिवालय, छोटा शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक शुरू हो गई है। बैठक में Revenue Deficit Grant (RDG) बंद होने से उत्पन्न वित्तीय हालात पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी कैबिनेट बैठक है। पिछली बैठक रविवार को आयोजित हुई थी। आज की बैठक में इस बात पर मंथन हो रहा है कि यदि केंद्र सरकार RDG बहाल नहीं करती है, तो राज्य सरकार के पास क्या वैकल्पिक वित्तीय रणनीति होगी और बजट प्रबंधन कैसे किया जाएगा।

बजट का 13% हिस्सा प्रभावित

RDG हिमाचल के कुल बजट का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा है। इसके बंद होने से राज्य को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। हिमाचल पहले ही 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज में है और राजस्व से अधिक खर्च की स्थिति बनी हुई है।

16वें वित्त आयोग ने RDG बंद करने की सिफारिश की है, जिसकी रिपोर्ट 1 फरवरी को संसद में पेश की जा चुकी है।

बजट सत्र और विधेयकों पर भी चर्चा

कैबिनेट में आगामी बजट सत्र को लेकर भी चर्चा हो रही है। बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होना प्रस्तावित है। अभी तक तीन बैठकों का कार्यक्रम तय है। बजट किस दिन पेश होगा, इसका फैसला आज की बैठक में लिया जा सकता है।

कल सर्वदलीय बैठक

RDG मुद्दे पर सरकार ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल को औपचारिक पत्र भेजकर बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया है।

पत्र में कहा गया है कि RDG बंद होने से प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट में आ गया है और राज्य हित में सभी दलों को एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए। सरकार का मानना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर साझा निर्णय लिया जाना आवश्यक है।