➤ सीआरआईएफ के तहत छैला–नेरीपुल–यशवंतनगर–ओच्छघाट सड़क के लिए 200 करोड़ की मंजूरी
➤ शिमला–मटौर फोरलेन और सुरंग निर्माण में तेजी लाने का आग्रह
➤ कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार, शिमला उड़ान समय बढ़ाने और ट्री कवर मान्यता का मुद्दा उठाया
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु और वन, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों में सड़क, हवाई संपर्क और हरित आवरण से जुड़े अहम मुद्दे प्रमुखता से रखे गए।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के साथ बैठक में सीआरआईएफ के अंतर्गत छैला–नेरीपुल–यशवंतनगर–ओच्छघाट सड़क के लिए 200 करोड़ रुपए की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली। यह मार्ग सेब उत्पादक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, सड़कों और पुलों के रखरखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता का अनुरोध भी किया गया।
सीएम ने शिमला–मटौर नेशनल हाईवे के फोरलेन कार्य में तेजी लाने, शिमला से शालाघाट और भगेड़ से हमीरपुर तक अधिक सुरंगों के निर्माण तथा पैकेज-4 के लिए डीपीआर प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया। एनएच-03 के चिलबाहल से पक्का भरोह खंड को विकास व रखरखाव के लिए PWD के NH विंग को सौंपने की मांग भी रखी गई।
नागर विमानन मंत्री से मुलाकात में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए सहयोग और विशेष केंद्रीय सहायता का आग्रह किया गया। कम दृश्यता में उड़ान सुनिश्चित करने हेतु विजुअल फ्लाइट रूल्स लागू करने और न्यूनतम दृश्यता सीमा 5 किमी से घटाकर 2.5 किमी करने का अनुरोध रखा गया। साथ ही शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन समय दोपहर 4 बजे तक बढ़ाने, चंडीगढ़–शिमला उड़ानों की आवृत्ति बढ़ाने और प्रस्तावित चार हेलीपोर्ट को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की गई।
वन, पर्यावरण मंत्री से बैठक में ट्री कवर का मुद्दा उठाया गया। सीएम ने बताया कि राज्य का वास्तविक ट्री कवर 29.5% है, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड में 27.99% दर्ज है, क्योंकि जंगलों के बाहर के पेड़ों को गणना में शामिल नहीं किया जाता। उन्होंने आग्रह किया कि वित्त आयोग और केंद्रीय ग्रांट तय करते समय इस अतिरिक्त 1.5% ट्री कवर को भी मान्यता दी जाए।



