➤ SIR के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया
➤ बोर्ड पर स्याही पोतकर ‘वोट चोर’ लिखा, चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए नारे
➤ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
शिमला में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर सामने आया है। शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिमला स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह प्रदर्शन कांग्रेस की हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग कार्यालय के बोर्ड पर स्याही पोतकर ‘वोट चोर’ लिख दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारे लगाए। इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों को कांग्रेस के पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि SIR और मतदाता सूचियों से जुड़े फैसलों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और चुनाव आयोग को इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
निर्वाचन विभाग के बोर्ड पर पोती स्याही
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग कार्यालय के बोर्ड पर स्याही पोतकर ‘वोट चोर’ लिख दिया। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने SIR को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाब मांगे। घटना का यह हिस्सा प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अपनाए गए विरोध के तरीके के रूप में सामने आया है।
ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पहले भी उठाई गई है। 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में भी रजनी पाटिल द्वारा उनके इस्तीफे और हटाए जाने की मांग का उल्लेख है।
भारतीय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।
SIR को लेकर क्या है विवाद
Special Intensive Revision यानी SIR मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूचियों को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र नामों को हटाने के उद्देश्य से पुनरीक्षण की प्रक्रिया संचालित की जाती है। आयोग ने अलग-अलग राज्यों में SIR को लेकर कार्यक्रम और प्रक्रियाएं जारी की हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड में आयोग ने SIR को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रक्रिया को समझाने और अधिक भागीदारी की अपील किए जाने की जानकारी भी दी है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयोग की ओर से मतदाता सेवाओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी उपलब्ध है, जहां मतदाता अपना नाम और निर्वाचन संबंधी जानकारी जांच सकते हैं।
शिमला में कांग्रेस का यह प्रदर्शन इसी व्यापक SIR और मतदाता सूची से जुड़े राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है। कांग्रेस ने जहां प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं निर्वाचन आयोग अपनी आधिकारिक व्यवस्थाओं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का काम करता है। ऐसे में SIR को लेकर आगे राजनीतिक दलों और निर्वाचन आयोग के बीच आरोप-प्रत्यारोप और स्पष्टीकरण का दौर जारी रहने की संभावना है।



