नशे की तस्करी में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर एक माह के भीतर होगी कार्रवाई: सुक्‍खू

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  • प्रदेश में पाकिस्तान और नाइजीरियाई नेटवर्क से आ रहा नशा, 3605 पंचायतों में हो रही मैपिंग

  • सरकार नशे के खिलाफ सख्त कानून लाएगी, जिसमें मृत्युदंड और आजीवन कारावास का प्रावधान


Himachal Drug Smuggling Crackdown : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में नशे के उन्मूलन और रोकथाम को लेकर सख्त कार्रवाई करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशे की तस्करी में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर एक माह के भीतर कार्रवाई होगी। साथ ही, नशे से संबंधित सरकारी स्तर पर कोई भी सूचना लीक करने वालों के खिलाफ भी कड़ी नकेल कसी जाएगी।

सीएम सुक्खू ने बताया कि पाकिस्तान से फिरोजपुर के रास्ते हिमाचल में नशा पहुंच रहा है, जिसमें नाइजीरियाई गिरोहों की भी संलिप्तता सामने आई है। राज्य सरकार ने 3605 पंचायतों में नशे की मैपिंग शुरू की है, जिससे नशे से जुड़े व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे की तस्करी के खिलाफ एक कठोर कानून लाने जा रही है, जिसमें मृत्युदंड और आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा के प्रावधान होंगे। अब तक की कार्रवाई में सरकार ने एक बड़े ड्रग तस्कर गैंग को गिरफ्तार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से प्रदेश में इस गतिविधि में 30% तक की कमी आई है

इस विषय पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की। सरकार सोलन जिले के कोटला बेहड़ में 150 बीघा भूमि पर नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने जा रही है, जिसके लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी एसपी (पुलिस अधीक्षक) को सख्त निर्देश दिए हैं कि नशे के मामलों में किसी भी प्रकार की सिफारिश या हस्तक्षेप बर्दाश्त न किया जाए

विधानसभा में इस संकल्प पर हुई चर्चा में कैप्टन रणजीत सिंह राणा, संजय रत्न और राकेश जम्वाल ने भाग लिया। चर्चा के बाद, संकल्प को वापस ले लिया गया।