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हमीरपुर ट्रस ब्रिज हादसा: निर्माण कंपनी जे-इंफ्राटेक के खिलाफ एफआईआर, तकनीकी जांच से खुलेगा राज

➤ हमीरपुर के मसयाणा में शिमला-मटौर फोरलेन पर निर्माणाधीन ट्रस ब्रिज का स्पैन गिरने पर निर्माण कंपनी जे-इंफ्राटेक पर एफआईआर
➤ हादसे में लेबर ठेकेदार अजय कुमार की मौत और मजदूर कमल कुमार गंभीर रूप से घायल होकर एम्स बिलासपुर रेफर
➤ डिजाइन और निर्माण सामग्री में खामियों के आरोपों के बाद पुलिस तकनीकी जांच और एफएसएल रिपोर्ट से खोलेगी राज


हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के मसयाणा में शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत बनाए जा रहे एक बड़े पुल हादसे के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कानूनी कदम उठाया है। हथली खड्ड पर निर्माणाधीन ट्रस ब्रिज का भारी-भरकम स्पैन अचानक टूटने से लेबर ठेकेदार की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य कर रही कंपनी जे-इंफ्राटेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह आपराधिक मामला मृतक ठेकेदार अजय कुमार के चचेरे भाई नरेंद्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

दर्ज शिकायत के अनुसार यह भयानक हादसा 2 अक्टूबर की दोपहर करीब एक बजे पेश आया। उस दौरान लेबर ठेकेदार अजय कुमार अन्य श्रमिकों के साथ मिलकर हथली खड्ड के ऊपर फोरलेन से जुड़ने वाले लोहे के ट्रस ब्रिज के ढांचे को जोड़ने का काम करवा रहे थे। काम के दौरान अचानक निर्माणाधीन पुल का आधा हिस्सा भरभराकर टूट गया और सीधे नीचे गहरी खाई में जा गिरा। स्पैन के टूटते ही अजय कुमार और श्रमिक कमल कुमार अनियंत्रित होकर मलबे के साथ नीचे गहरी खाई में गिर पड़े, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे के वक्त लोहे के पुल के खंभों पर काम कर रहे करीब पांच अन्य मजदूर पिलर पर ही लटक कर फंस गए, जिससे मौके पर भारी चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और राहत एवं बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद पिलर पर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकाला और खाई में गिरे दोनों घायलों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल अजय कुमार को तत्काल मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से जख्मी मजदूर कमल कुमार की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उच्च स्तरीय उपचार के लिए एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

परिजनों और श्रमिकों की शिकायत में निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि पुल के तकनीकी डिजाइन, निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और साइट पर मजदूरों की जान की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों में कथित तौर पर भारी लापरवाही बरती गई थी। हमीरपुर पुलिस ने निर्माण कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 125, 125(ए), 125(बी) और 106(1) के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटनास्थल से निर्माण सामग्री के नमूने जुटाए गए हैं और राज्य फोरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल रिपोर्ट तथा स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।