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Himachal: एलडीआर भर्ती परीक्षा में न्यूनतम योग्यता अंक घटाने से हाईकोर्ट का इन्कार, याचिका खारिज

➤ हाईकोर्ट ने एलडीआर भर्ती परीक्षा के न्यूनतम योग्यता अंक घटाने की मांग ठुकराई

➤ कोर्ट बोला- पासिंग मार्क्स तय करना भर्ती एजेंसी और नियोक्ता का अधिकार

➤ 45 या 40 फीसदी योग्यता अंक रखना मनमाना नहीं, परीक्षा में असफल होने के बाद नियमों को चुनौती स्वीकार्य नहीं


शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एसएमसी शिक्षकों की एलडीआर भर्ती परीक्षा में न्यूनतम योग्यता अंक घटाने से इन्कार करते हुए याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के नियम और पासिंग मार्क्स तय करना नियोक्ता एवं भर्ती एजेंसी का अधिकार है।

अदालत ने कहा कि जब तक तय किया गया योग्यता मानदंड प्रथम दृष्टया पूरी तरह मनमाना या अनुचित नहीं हो, तब तक अदालतें कुछ उम्मीदवारों की सुविधा के लिए भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।

45 फीसदी पासिंग मार्क्स को कोर्ट ने माना तार्किक

न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि परीक्षा में 45 या 40 फीसदी पासिंग मार्क्स निर्धारित करना किसी भी दृष्टि से अत्यधिक या मनमाना नहीं है। कोर्ट के अनुसार यह एक तार्किक और सामान्य प्रतिशत है।

अदालत ने यह फैसला याचिकाकर्ता अश्वनी कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता ने एलडीआर भर्ती परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम योग्यता अंक कम करने की मांग की थी।

परीक्षा में शामिल होने के बाद नियमों को चुनौती

हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती के विज्ञापन में पासिंग मार्क्स की शर्तें स्पष्ट और पारदर्शी थीं। याचिकाकर्ता इन शर्तों को जानते हुए परीक्षा में शामिल हुआ था।

कोर्ट ने कहा कि परीक्षा में असफल होने के बाद उन्हीं नियमों को चुनौती देना स्वीकार नहीं किया जा सकता, जिन्हें उम्मीदवार ने पहले से जानते हुए भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया था।

ओपन मार्केट भर्ती से नहीं की जा सकती तुलना

याचिकाकर्ता की ओर से जिस अधिसूचना का हवाला दिया गया था, उसे कोर्ट ने ओपन मार्केट की सामान्य भर्ती से संबंधित बताया। अदालत ने कहा कि मौजूदा एलडीआर भर्ती उससे अलग है।

यह भर्ती एसएमसी नीति के तहत नियुक्त जॉब ट्रेनियों के लिए एक सीमित प्रक्रिया है। इसलिए इसकी तुलना सामान्य ओपन मार्केट भर्ती से नहीं की जा सकती।

200 अंकों की थी एलडीआर परीक्षा

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 20 दिसंबर 2025 को एलडीआर भर्ती को लेकर विज्ञापन जारी किया था। इसके तहत एसएमसी नीति के तहत कार्यरत इन-सर्विस शिक्षकों के लिए सीमित सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी।

इस प्रक्रिया में टीजीटी आर्ट्स, टीजीटी मेडिकल, टीजीटी नॉन-मेडिकल, शास्त्री, हिंदी और ड्राइंग मास्टर के पद शामिल थे।

विज्ञापन के अनुसार भर्ती के लिए 200 अंकों की ऑब्जेक्टिव परीक्षा आयोजित की जानी थी। इसमें अनारक्षित और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 45 फीसदी अंक, यानी 90 अंक हासिल करना अनिवार्य था।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद निर्धारित न्यूनतम योग्यता अंक घटाने की मांग को राहत नहीं मिल सकी है।