➤ शिमला-सोलन-परवाणू फोरलेन में देरी पर हाईकोर्ट की सख्त फटकार
➤ 10 दिन में मरम्मत व ढलान सुरक्षा कार्य पूरा करने का आदेश
➤ निर्देश न मानने पर सनावर टोल प्लाजा पर टोल वसूली पर रोक जारी रहेगी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला-सोलन-परवाणू फोरलेन के निर्माण में छह साल की देरी और खराब रखरखाव को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने राज्य सरकार और NHAI को 10 दिन के भीतर मरम्मत और ढलान सुरक्षा कार्य पूरा करने के सख्त आदेश दिए हैं।
खंडपीठ ने साफ कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो सनावर टोल प्लाजा पर टोल वसूली पर लगी रोक जारी रहेगी। वहीं, अगर सड़क की स्थिति बेहतर पाई गई तो 12 नवंबर से टोल वसूली की अनुमति दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को तय की गई है।
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि NHAI का दावा वास्तविकता से मेल नहीं खाता। अदालत ने पाया कि कंडाघाट और चक्की मोड़ के पास सड़क की हालत बेहद खराब है और ड्रेनेज की सफाई की स्थिति भी दयनीय है।
NHAI ने अपनी 30 अक्तूबर की रिपोर्ट में बताया कि 18 सितंबर के आदेश के बाद सनवारा टोल प्लाजा बंद रहने से 4.53 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ है। प्राधिकरण ने माना कि परवाणू से सोलन तक 39.139 किमी का कार्य 21 अप्रैल 2021 तक पूरा होना था, लेकिन देरी हुई।
रिपोर्ट में बताया गया कि 18 सितंबर के बाद छह स्थानों पर मरम्मत कार्य पूरा किया गया है और मलबा हटा दिया गया है। वहीं, छह जगहों पर स्थानीय निवासियों की रुकावटों के कारण काम रुका हुआ है, जिसके लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा गया है।
NHAI ने अदालत को बताया कि परवाणू-सोलन स्ट्रेच पर ढलान सुरक्षा कार्य 16 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अदालत ने राज्य सरकार और सोलन नगर निगम को निर्देश दिया कि वे एनएचएआई को पूर्ण सहयोग और पुलिस बल उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही, अदालत ने राज्य सरकार को बालूगंज यू-टर्न पर सुधार कार्य जल्द पूरा करने का भी आदेश दिया है।



