➤ विधायकों को अतिरिक्त सुरक्षा देने से राज्य सरकार ने किया इन्कार
➤ भाजपा के दो और कांग्रेस के एक विधायक की डबल गनमैन की मांग खारिज
➤ सुरक्षा एजेंसियों ने मौजूदा खतरे को अतिरिक्त सुरक्षा के लायक नहीं माना
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने विधायकों को अतिरिक्त सुरक्षा देने की मांग को फिलहाल खारिज कर दिया है। भाजपा के दो और कांग्रेस के एक विधायक द्वारा डबल गनमैन उपलब्ध कराने के लिए दिए गए प्रस्ताव को सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर मंजूरी नहीं दी गई।
इन विधायकों ने कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना जिलों से जुड़े मामलों में खुद को जान का खतरा बताते हुए मौजूदा एक-एक गनमैन को पर्याप्त नहीं माना था। इसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा की मांग सरकार के समक्ष रखी गई थी।
बुधवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, सीआईडी के आईजी संतोष पटियाल और केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक में सीआईडी और आईबी ने तीनों विधायकों के सुरक्षा आकलन (Threat Perception) की रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा के बाद समिति ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में इन विधायकों को अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है और एक-एक गनमैन पर्याप्त है। इसके बाद डबल गनमैन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया।
बैठक में 20 से अधिक सुरक्षा संबंधी मामलों की भी समीक्षा की गई। समिति ने राष्ट्रपति निवास रिट्रीट, छराबड़ा की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की और वर्तमान सुरक्षा प्रबंधों को संतोषजनक तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया।
अधिकारियों के अनुसार, एक गनमैन की तैनाती पर सरकार का लगभग 70 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च आता है। ऐसे में सुरक्षा केवल वास्तविक खतरे के आकलन के आधार पर उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पड़ने पर निजी सुरक्षा व्यवस्था और उसके खर्च को संबंधित व्यक्ति द्वारा वहन करने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।



