➤ तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट, 18 सितंबर से कमजोर होगा मानसून
➤ बारिश-बाढ़-भूस्खलन से अब तक 1683 करोड़ की संपत्ति तबाह, 303 मौतें
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अगले 72 घंटे तक सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि फिलहाल किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में मौसम ठंडा होगा और अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव के बीच लोगों को फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं, जबकि 18 सितंबर के बाद मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।
अगले 72 घंटे सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में अगले तीन दिन मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। इस दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 72 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री की कमी आ सकती है। इससे मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा होने की संभावना है।
18 सितंबर से कमजोर पड़ना शुरू होगा मानसून
मौसम विज्ञानी संदीप शर्मा के अनुसार 18 सितंबर से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ना शुरू हो सकती हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मानसून तत्काल विदा हो जाएगा। अभी प्रदेश से मानसून की वापसी के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।
हिमाचल प्रदेश में सामान्य तौर पर मानसून की वापसी 25 सितंबर के आसपास होती है। ऐसे में 18 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने के बावजूद मानसून की विदाई में अभी समय लग सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 18 सितंबर के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। यानी अगले तीन दिनों की बारिश के बाद मौसम में धीरे-धीरे स्थिरता आने के संकेत हैं।
इस बार सामान्य से 11 फीसदी कम हुई बारिश
हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान बारिश की स्थिति इस बार सामान्य से कम रही है। 1 जून से 14 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
इस अवधि में हिमाचल में सामान्य बारिश का आंकड़ा 682.4 मिलीमीटर रहता है, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक 605.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सामान्य बारिश की तुलना में इस बार करीब 76.5 मिलीमीटर कम वर्षा हुई है।
हालांकि सभी जिलों में बारिश की कमी एक जैसी नहीं रही। किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इन चार जिलों में बारिश सामान्य के मुकाबले बेहतर रही, जबकि बाकी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर से नीचे रहा।
बारिश कम, लेकिन नुकसान ने बढ़ाई चिंता
मानसून सीजन में कुल बारिश सामान्य से कम रहने के बावजूद हिमाचल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। सरकारी और निजी संपत्ति को मिलाकर अब तक करीब 1,683 करोड़ रुपये की संपत्ति तबाह हो चुकी है।
प्राकृतिक आपदाओं ने बड़ी संख्या में घरों को भी प्रभावित किया है। मानसून के दौरान अब तक 129 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 502 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इससे कई परिवारों के सामने आवास और पुनर्वास की चुनौती खड़ी हुई है।
पहाड़ी राज्य होने के कारण भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगले तीन दिनों के दौरान भले ही भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मौसम में होने वाले बदलाव पर नजर रखना जरूरी रहेगा।
मानसून में 303 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान विभिन्न हादसों में अब तक 303 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे बड़ा आंकड़ा सड़क हादसों का है।
आंकड़ों के अनुसार मानसून सीजन में 180 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है। इसके अलावा 18 लोगों की जान भूस्खलन की घटनाओं में गई, जबकि 17 लोगों की मौत पानी में डूबने से हुई है। वहीं एक व्यक्ति की जान फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में मानसून की चुनौती केवल बारिश तक सीमित नहीं है। बारिश के साथ सड़क हादसे, भूस्खलन, जलभराव, अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में कमजोर भूभाग से जुड़े खतरे भी लगातार बने हुए हैं।
अब मौसम के बदलने का इंतजार
फिलहाल हिमाचल में अगले 72 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन हल्की से मध्यम बारिश प्रदेश के कई हिस्सों में जारी रह सकती है। इसके साथ ही तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट से मौसम का मिजाज भी बदल सकता है।
इसके बाद 18 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है और ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है। हालांकि मानसून की औपचारिक वापसी अभी नहीं मानी जा रही है और सामान्य परिस्थितियों में हिमाचल से मानसून की विदाई 25 सितंबर के आसपास होती है।
ऐसे में आने वाले कुछ दिन हिमाचल के लिए मानसून के अंतिम सक्रिय दौर और उसके बाद मौसम के धीरे-धीरे साफ होने के बीच का बदलाव लेकर आ सकते हैं। वहीं 1,683 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान और 303 मौतों का आंकड़ा इस पूरे मानसून सीजन में प्रदेश के सामने आई प्राकृतिक और दुर्घटनात्मक चुनौतियों की गंभीर तस्वीर भी पेश करता है।



