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उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री: हिमाचल युवाओं को विदेश में सुरक्षित रोजगार दिलाएगा सरकार

युवाओं को विदेशी रोजगार से जोड़ेगा राज्य
ओवरसीज़ रिक्रूटमेंट ड्राइव से पारदर्शी और सुरक्षित प्रक्रिया
➤ चयनित युवाओं को दुबई (जेबेल अली) में वेतन व सुविधाएँ


ऊना। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पालकवाह में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार अब युवाओं को विदेशों में सुरक्षित रोजगार से जोड़ने के लिए निर्णायक और पारदर्शी कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार स्वयं जिम्मेदारी लेकर युवाओं को विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करेगी ताकि किसी को भी ठगी या अवैध प्रैक्टिस का सामना न करना पड़े। इस पहल को सरकार की नीति ‘हर युवा को हुनर, हर हुनर को अवसर’ का सुफल बताते हुए उन्होंने कहा कि चयन और भेजाई के दौरान कौशल व मांग के अनुरूप नियोक्ताओं से समन्वय किया जाएगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि यह अभियान श्रम, रोजगार एवं ओवरसीज़ प्लेसमेंट विभाग और राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में चल रहा है और यह पालकवाह में आयोजित इस श्रृंखला का दूसरा आयोजन था, जबकि पहला कैंप 9 अक्तूबर को हमीरपुर में हुआ था। पालकवाह ड्राइव में ट्रेलर चालक के 100 पदों के लिए प्रदेश भर से 457 युवा भाग लेने आए। अभ्यर्थियों की अंग्रेज़ी कौशल की क्षमता तथा ड्राइविंग परीक्षण लिये गए और चयनित अभ्यर्थियों को दुबई के जेबेल अली पोर्ट में नियुक्ति के प्रस्ताव दिए गए हैं, जिनको 2,250 UAE दिरहम (करीब 52,000 रुपये) मासिक वेतन, आवास, ओवरटाइम व अन्य भत्ते प्राप्त होंगे। उपमुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से चार चयनित युवाओं को प्रोविजनल ऑफर लेटर भी प्रदान किए।

सरकार का कहना है कि अतीत में विदेशी रोजगार के नाम पर हुई ठगी और अवैध प्रथाओं से युवाओं व उनके परिवारों को भारी आर्थिक एवं भावनात्मक क्षति उठानी पड़ी है, इसलिए अब प्रदेश सरकार ने पहली बार विदेशी भेजाई के लिए औपचारिक नीति बनाई है। इसके तहत विदेश मंत्रालय द्वारा निर्धारित फीस के अनुसार ही प्रक्रिया संचालित होगी और 30 प्रमुख ट्रेडों की मांग के अनुसार चयन होगा। हमीरपुर कैंप में पहले चरण में 29 उम्मीदवारों का चयन हो चुका है और उनका वीज़ा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विदेश भेजे गए युवाओं को कोई कठिनाई न हो, इसलिए डेडिकेटेड हेल्पलाइन स्थापित की जाएगी तथा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स निगम एक सॉफ्टवेयर पोर्टल विकसित कर रहा है, जिस पर युवा अपनी शिकायतें और समस्याएँ सीधे दर्ज कर सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री ने विभाग को अभियान का और विस्तार करने तथा प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों तक कैंप लेकर जाने का निर्देश दिया। लेबर कमिश्नर डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा और इच्छुक युवा विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं; कैंप के दौरान उन्हें फोन के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी। कार्यक्रम में जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी अक्षय शर्मा, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा व बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए अभ्यर्थी व स्थानीय युवा उपस्थित रहे।

यह पहल सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है जो युवाओं को सुलभ, सस्ता, कानूनी और भरोसेमंद मार्ग देकर विदेश में अवसर दिलाने पर केन्द्रित है, जिससे न केवल रोजगार मिले बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी स्थायी सुधार हो।