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नए आदेश: हिमाचल की 500 पंचायतों के वोटर लिस्ट में होगा बदलाव, नई ग्राम सभाओं के लिए तैयारी तेज

हिमाचल में 31 मई से पहले होंगे स्थानीय निकाय चुनाव

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने की सख्त समयसीमा की तय

196 नई ग्राम सभाओं सहित 500 पंचायतों के वोटरों की होगी शिफ्टिंग


राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश में लंबित पंचायती राज संस्थानों (PRIs) और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के चुनावों के लिए बिगुल फूंक दिया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘प्रधान सचिव बनाम डिक्कन कुमार’ मामले में दिए गए हालिया आदेश के बाद, आयोग अब 31 मई, 2026 तक हर हाल में चुनाव संपन्न कराने की तैयारी में है।

इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में मतदाता सूचियों का पुनर्गठन है, क्योंकि सरकार ने राज्य में 196 नई ग्राम सभाएं बनाई हैं और लगभग 40 का पुनर्गठन किया है, जिससे सीधे तौर पर 500 ग्राम सभाएं प्रभावित हुई हैं।

आयोग द्वारा जारी विशिष्ट समयसीमा (Timeline) के अनुसार, वार्डों के परिसीमन (Delimitation) के अंतिम प्रकाशन के मात्र 3 दिनों के भीतर मतदाताओं के सत्यापन और शिफ्टिंग का कार्य पूरा करना होगा। इसके अगले 24 घंटों के भीतर ड्राफ्ट रोल की प्रिंट प्रिव्यू कॉपी तैयार कर ग्राम सभा की विशेष बैठक बुलाई जाएगी।

जहां प्रधान का पद रिक्त है, वहाँ BDO तीन दिन का नोटिस देकर बैठक बुलाने के लिए अधिकृत होंगे। उल्लेखनीय है कि यह पूरी प्रक्रिया जिला बिलासपुर की नगर पंचायत झंडूता और स्वारघाट को छोड़कर शेष सभी क्षेत्रों में युद्धस्तर पर लागू की गई है।

जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त चम्बा ने भी कड़े निर्देश दिए हैं कि इस विशेष संशोधन का प्रचार मुनादी (ढोल की थाप), सोशल मीडिया और लाउडस्पीकर के माध्यम से किया जाए ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे।