➤ हिमाचल के पेंशनरों को बड़ी राहत, 40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीलिंग खत्म करने का आश्वासन
➤ 35 फीसदी पेंशन एरियर के भुगतान के लिए पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट ने मुख्यमंत्री के सामने उठाई मांग
➤ 14 सितंबर को सचिवालय में बैठक, लंबित एरियर और 15 फीसदी डीए समेत अन्य मांगों पर होगी चर्चा
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों को 35 फीसदी पेंशन एरियर के मामले में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 35 फीसदी पेंशन एरियर का लाभ देने के लिए तय 40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीलिंग खत्म करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन हिमाचल प्रदेश पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान दिया।
पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट के प्रदेशाध्यक्ष आत्मा राम शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 18 अगस्त की अधिसूचना के तहत 35 फीसदी पेंशन एरियर के भुगतान के लिए लगाई गई 40 हजार रुपये की मूल पेंशन सीमा को हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई। फ्रंट का कहना था कि सरकार की पूर्व घोषणा के अनुरूप सभी पात्र पेंशनरों को इसका लाभ मिलना चाहिए।
40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीमा हटाने की उठी मांग
पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि 35 फीसदी पेंशन एरियर के भुगतान के लिए 40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीमा लगाए जाने से कई पेंशनर इसके लाभ से प्रभावित हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इस सीलिंग को समाप्त किया जाए, ताकि सरकार की पूर्व घोषणा के अनुसार सभी पात्र पेंशनरों को एरियर का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर 40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीलिंग खत्म करने का आश्वासन दिया है। इससे पेंशनरों में उम्मीद जगी है कि एरियर के भुगतान को लेकर सरकार की ओर से आगे सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है।
18 अगस्त की अधिसूचना को लेकर पेंशनरों ने रखी बात
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि 18 अगस्त की अधिसूचना के तहत 35 फीसदी पेंशन एरियर के भुगतान के लिए 40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीमा तय की गई है। फ्रंट ने इस सीमा को हटाने की मांग की।
पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट का कहना है कि सरकार की पूर्व घोषणा के अनुरूप सभी पात्र पेंशनरों को 35 फीसदी पेंशन एरियर का लाभ मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की।
14 सितंबर को सचिवालय में होगी अगली बैठक
मुख्यमंत्री ने पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट की राज्य कार्यकारिणी के साथ 14 सितंबर को दोपहर 12 बजे सचिवालय में बैठक करने पर भी सहमति जताई है। इस बैठक में पेंशनरों से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा होगी।
बैठक में खास तौर पर वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के शेष लंबित एरियर और 15 फीसदी लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान का मुद्दा उठाया जाएगा। इसके अलावा पेंशनरों की अन्य मांगों पर भी चर्चा होगी।
अन्य वित्तीय लाभों पर भी फैसले की उम्मीद
पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट को उम्मीद है कि 14 सितंबर को होने वाली बैठक में सरकार पेंशनरों के हित में अन्य वित्तीय लाभों पर भी फैसला ले सकती है। फ्रंट की ओर से पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाता रहा है।
अब 14 सितंबर की बैठक को लेकर पेंशनरों की नजरें टिकी हैं। खासतौर पर लंबित एरियर, 15 फीसदी डीए और अन्य वित्तीय लाभों को लेकर बैठक में होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट के प्रदेश सलाहकार बलवान कश्यप, शिमला जिला महासचिव महेश वर्मा, कार्यालय सचिव बेली राम आजाद, कर्म चंद शर्मा और संयुक्त सचिव जीवन ठाकुर मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनरों से जुड़े लंबित मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रखा। मुख्यमंत्री की ओर से 40 हजार रुपये की मूल पेंशन की सीलिंग खत्म करने के आश्वासन और 14 सितंबर को बैठक पर सहमति के बाद पेंशनरों को आगे समाधान की उम्मीद है।



