➤हिमाचल में मानसून से 31 लोगों की मौत हुई
➤2 करोड़ 916.7 रुपए का नुकसान दर्ज किया गया
➤3 जुलाई तक भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी
पराक्रम चंद, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून का पहला सप्ताह भयावह साबित हुआ। 20 जून से 27 जून 2025 के बीच प्रदेश में 31 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें सांप के काटने, सड़क हादसे, डूबने और पानी में बहने की घटनाएं शामिल हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार 4 लोग लापता हैं और 66 लोग घायल हुए हैं।
अब तक मानसून ने 29करोड़ 916.7 रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ है, जिसे 2 करोड़ 743.40 लाख रुपए का नुकसान दर्ज किया गया। 6 घर पूरी तरह से तबाह हो गए जबकि 8 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 7 दुकानें और 8 गौशालाएं भी बह गईं।
भारी बारिश के चलते पूरे प्रदेश में 53 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई है। 135 बिजली ट्रांसफार्मर और 147 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं, जिससे हजारों लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा तबाही कुल्लू जिले में देखने को मिली, जहां 23 सड़कें बंद पाई गईं। निरमंड और आनी उपमंडलों में जल आपूर्ति और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कुल्लू में ही 74 ट्रांसफार्मर और 118 पेयजल योजनाएं काम नहीं कर रही हैं।
मंडी जिले में 16 सड़कें बंद हैं और 59 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। लाहौल-स्पीति में एक सड़क और एक ट्रांसफार्मर ठप है जबकि किन्नौर में 33 जल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
चंबा जिले में तीन जल योजनाएं बंद हैं और तैसा उपमंडल में एक डीटीआर ठप पड़ा है। शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में दो जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। ऊना और सिरमौर जिलों में भी सड़कों की बहाली अब तक नहीं हो सकी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी 3 जुलाई तक बारिश जारी रह सकती है। खासकर 29 जून को अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका के चलते ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।



