➤ हिमाचल के रोहतांग दर्रा में दो इंच ताजा हिमपात और ऊंचे क्षेत्रों में बढ़ी ठंड
➤ लाहौल-स्पीति और चंबा की चोटियों पर बर्फबारी के साथ कांगड़ा में हुई झमाझम बारिश
➤ प्रदेश में 9, 13 और 14 अक्टूबर को बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और सर्दियों ने अपनी दस्तक दे दी है। ट्राइबल जिले लाहौल-स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर तड़के सुबह पांच से सात बजे के बीच ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा में दो इंच और स्पीति के कीमो गांव में करीब पौने दो इंच हिमपात हुआ है, जिससे पूरी घाटी सफेद चादर में लिपट गई है।

हालांकि, बर्फबारी के बाद अब मौसम साफ हो गया है। इसके साथ ही चंबा जिले के भरमौर और मणिमहेश की ऊंची चोटियों पर भी बर्फ की सफेद परत जम गई है। वहीं, कांगड़ा के कई इलाकों में रात के समय बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। बर्फबारी और बारिश के इस दौर के बाद प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, जबकि राजधानी शिमला में भी देर रात से घने बादल छाए हुए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले छह दिनों तक लाहौल-स्पीति, चंबा, किन्नौर, कुल्लू और कांगड़ा की अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर हल्की बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान राज्य के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 9, 13 और 14 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के मुताबिक, 10 से 12 अक्टूबर के बीच प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ या हल्के बादलों वाला रहेगा, जिससे आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
आगामी 13 अक्टूबर को प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 14 अक्टूबर को मैदानी इलाकों में अच्छी बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के पूरे आसार हैं। वर्तमान में प्रदेश के अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, लेकिन आगामी दिनों में इसमें आंशिक उछाल आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि मानसून की विदाई के बाद राज्य में अब तक सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि बीते मानसून सीजन में भी बादल सामान्य से 11 फीसदी कम बरसे थे।



