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हिमाचल में स्वाइन फ्लू से बुजुर्ग की मौत, दो नए मामले; सूबे में संक्रमितों की संख्या आठ

मंडी में स्वाइन फ्लू के दो नए मामले सामने आए, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या आठ हुई
सुंदरनगर के 70 वर्षीय महेंद्र की चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत
कैंसर की कीमोथेरेपी के चलते कमजोर हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्वास्थ्य विभाग ने गांव में बढ़ाई निगरानी


मंडी। हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। मंडी जिले में संक्रमण के दो नए मामले सामने आए हैं, वहीं सुंदरनगर क्षेत्र के डडयाल गांव निवासी 70 वर्षीय महेंद्र की चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग पहले से कैंसर का इलाज करवा रहे थे और इसी सिलसिले में चंडीगढ़ गए थे। उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई।

मंडी में सामने आए दो नए मामलों के बाद प्रदेश में स्वाइन फ्लू संक्रमितों की संख्या आठ हो गई है। इनमें से एक मरीज सुंदरनगर क्षेत्र में अपने घर पर आइसोलेशन में है, जबकि सरकाघाट निवासी दूसरे मरीज का चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है।

कैंसर के इलाज के लिए चंडीगढ़ गए थे महेंद्र

जानकारी के अनुसार सुंदरनगर के डडयाल गांव निवासी 70 वर्षीय महेंद्र कैंसर से पीड़ित थे और उपचार के लिए चंडीगढ़ गए थे। उन्होंने 11 अगस्त को चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में कीमोथेरेपी करवाई थी। बताया जा रहा है कि कैंसर के उपचार के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर थी।

इसी दौरान वह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए। उपचार के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। चिकित्सकों की निगरानी में इलाज के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और अंततः उनकी मौत हो गई।

महेंद्र का पार्थिव शरीर शुक्रवार को परिजन चंडीगढ़ से उनके पैतृक गांव डडयाल लेकर पहुंचे, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। स्वास्थ्य विभाग को उनकी स्वाइन फ्लू से मौत की जानकारी शनिवार को मिली।

सूचना मिलते ही गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम डडयाल गांव पहुंची। टीम ने मृतक के परिवार के सदस्यों से आवश्यक जानकारी ली और उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिजनों को मास्क भी उपलब्ध करवाए गए। परिवार को स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने और किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार के सदस्यों की स्थिति पर भी नजर रख रही है, ताकि संक्रमण के संभावित प्रसार को समय रहते रोका जा सके।

मंडी में दो नए संक्रमित, एक घर पर आइसोलेट

मंडी जिले में सामने आए दो नए मामलों में एक मरीज सुंदरनगर क्षेत्र का बताया जा रहा है। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग उसकी निगरानी कर रहा है और परिवार को संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

दूसरा संक्रमित मरीज सरकाघाट क्षेत्र का रहने वाला है। उसका चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। दोनों नए मामलों के सामने आने के बाद मंडी का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और संक्रमित मरीजों तथा उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है।

हिमाचल में आठ तक पहुंची संक्रमितों की संख्या

मंडी में सामने आए दो नए मामलों के बाद हिमाचल प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के आठ संक्रमित सामने आ चुके हैं। इससे पहले टांडा मेडिकल कॉलेज में चार और आईजीएमसी शिमला में दो मामले सामने आए थे।

अब मंडी से दो नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कुल संख्या आठ हो गई है। एक तरफ संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं, वहीं मंडी में एक बुजुर्ग की मौत ने चिंता और बढ़ा दी है।

हालांकि मृतक पहले से कैंसर का उपचार करवा रहे थे और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर बताई जा रही थी। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य स्थिति को भी संक्रमण के दौरान गंभीरता से देखा जा रहा है।

फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। कैंसर जैसी बीमारी के उपचार के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने के कारण संक्रमण का जोखिम और गंभीरता बढ़ सकती है।

मंडी में नए मामलों और डडयाल गांव में हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी अहम हो गई है। आने वाले दिनों में नए मामलों की स्थिति और संपर्क में आए लोगों की स्वास्थ्य जांच से यह स्पष्ट होगा कि संक्रमण का दायरा कितना है।