Follow Us:

हिमाचल के 2 जिलों में बारिश की चेतावनी, कल से कमजोर पड़ेगा मानसून

➤ कांगड़ा और सिरमौर में तेज बारिश का यलो अलर्ट, अन्य जिलों में कोई चेतावनी नहीं

➤ रविवार से कमजोर पड़ेगा मानसून, 10 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं

➤ अब तक सामान्य से 9% कम बारिश, मानसून में 1,237 करोड़ की संपत्ति को नुकसान


हिमाचल प्रदेश में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में शनिवार सुबह से मौसम खराब बना हुआ है। कई क्षेत्रों में बादल छाए हैं और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने कांगड़ा और सिरमौर जिले में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि प्रदेश के बाकी जिलों के लिए फिलहाल किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार रविवार से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद 10 सितंबर तक किसी भी जिले में भारी बारिश या अन्य मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है। हालांकि इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने का अनुमान है।

धर्मशाला में सबसे ज्यादा 30.2 मिमी बारिश

पिछली रात हिमाचल के कई हिस्सों में बारिश हुई। धर्मशाला में सबसे ज्यादा 30.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर में 21.4 मिमी, पालमपुर में 12.0 मिमी, कांगड़ा में 7.8 मिमी और कसोल में 7.0 मिमी बारिश हुई।

बारिश के कारण शनिवार को भी कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि मानसून के कमजोर पड़ने के साथ आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना है।

तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी के आसार

मौसम साफ होने के साथ प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। फिलहाल बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में गर्मी से राहत है, लेकिन अगले कुछ दिनों में धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर तक बड़े स्तर पर बारिश की गतिविधि की संभावना नहीं है। कुछेक स्थानों पर स्थानीय स्तर पर हल्की बूंदाबांदी जरूर हो सकती है।

मानसून सीजन में सामान्य से 9% कम बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 9% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश सामान्य से काफी नीचे रही है, जबकि कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है।

चंबा में सामान्य से 2% कम, हमीरपुर में 30% कम, कांगड़ा में 3% कम, किन्नौर में 3% कम, लाहौल-स्पीति में 61% कम, मंडी में 15% कम और सोलन में 10% कम बारिश हुई है।

वहीं, प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा। बिलासपुर में सामान्य से 13% ज्यादा, कुल्लू में 12% ज्यादा, शिमला में 15% ज्यादा और सिरमौर में 6% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। ऊना में बारिश सामान्य रही है।

सबसे ज्यादा कमी लाहौल-स्पीति में दर्ज की गई है, जहां सामान्य के मुकाबले 61% कम बारिश हुई है। इसके बाद हमीरपुर में 30% और मंडी में 15% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

कम बारिश के बावजूद 1,237 करोड़ की संपत्ति तबाह

प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश सामान्य से कम रही है, लेकिन इसके बावजूद अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक घटनाओं से सरकारी और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक मानसून सीजन में अब तक हिमाचल प्रदेश में करीब 1,237 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान हो चुका है। इस दौरान 267 लोगों की जान भी गई है

इससे साफ है कि प्रदेश में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में हुई तेज बारिश ने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। पहाड़ी राज्य होने के कारण कम समय में होने वाली अत्यधिक बारिश भी सड़क, पुल, बिजली, पेयजल और निजी संपत्ति के लिए बड़ा खतरा बन जाती है।

अब मौसम में आएगा बदलाव

फिलहाल कांगड़ा और सिरमौर में बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इसके बाद रविवार से मानसून के कमजोर पड़ने के साथ प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ होने लगेगा। 10 सितंबर तक किसी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।

मौसम के साफ होने से जहां लोगों को लगातार बारिश से राहत मिलेगी, वहीं तापमान बढ़ने के कारण दिन के समय फिर से गर्मी महसूस हो सकती है। अगले कुछ दिनों में हिमाचल का मौसम मानसूनी बारिश से निकलकर हल्के बादलों और धूप वाले दौर की ओर बढ़ने की संभावना है।