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हिमाचल में बारिश का कहर: 72 घंटे तक अलर्ट, मनाली-बंजार में स्कूल-कॉलेज बंद

हिमाचल में अगले 72 घंटे तक भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी
4313 करोड़ की संपत्ति नष्ट, 380 लोगों की अब तक मौत
1280 घर जमींदोज और 26 हजार से अधिक मवेशियों की मौत


हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में अगले 72 घंटे तक लगातार बारिश का अनुमान है और मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। आज ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं कुल्लू जिले के मनाली और बंजार सब डिवीजन में हालात को देखते हुए आज स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया गया है।

इस साल का मानसून सीजन (1 जून से 11 सितंबर) सामान्य से कहीं ज्यादा सक्रिय रहा है। इस अवधि में जहां सामान्यत: 674.2 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार 961.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 43 प्रतिशत अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक, मंडी जिले में अब तक सबसे ज्यादा 1735.3 मिमी, कांगड़ा में 1712.7 मिमी और सिरमौर में 1576.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है। वहीं कुल्लू जिले में सामान्य से 112% और शिमला में 106% अधिक बारिश हो चुकी है।

लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश में 4313 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है। लैंडस्लाइड, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस मानसून में 137 बड़े भूस्खलन, 97 बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएँ हुई हैं, जिनमें 76 लोगों की जान गई, जबकि पूरे सीजन में 380 लोगों की मौत और 40 लोग लापता हो चुके हैं।

बारिश का सबसे बड़ा असर आवासीय मकानों पर पड़ा है। अब तक 1280 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 5643 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। यही नहीं, ग्रामीण और कृषि आधारित जीवनशैली पर भी गहरा संकट आया है। इस मानसून सीजन में 26,955 पालतू मवेशियों की मौत हो चुकी है, जिससे किसानों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

हिमाचल प्रदेश में बारिश और आपदाओं की यह मार लोगों के जीवन, रोज़गार और बुनियादी ढांचे को गहरे संकट में डाल रही है। आने वाले तीन दिन राज्य के लिए और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।