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5 मार्च तक साफ रहेगा मौसम, बारिश के आसार नहीं

फरवरी में सामान्य से माइनस 84 फीसदी कम बारिश, सूखे जैसे हालात
किन्नौर के कल्पा सहित कई जिलों में तापमान 4 से 8 डिग्री अधिक
5 मार्च तक मौसम साफ, गर्मी और बढ़ने की संभावना


हिमाचल प्रदेश में इस बार फरवरी माह ने मौसम के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बारिश और बर्फबारी के अभाव में प्रदेश में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार फरवरी में सामान्य से माइनस 84 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे जल स्रोतों, फसलों और पर्यावरण पर प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

राज्य के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासकर किन्नौर के कल्पा में दिन का तापमान सामान्य से 7 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। वहीं अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ज्यादा चल रहे हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ही लोगों को मार्च जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार प्रदेश के सभी 12 जिलों में फरवरी के दौरान 70 से 90 प्रतिशत तक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। उन्होंने बताया कि आगामी 5 मार्च तक मौसम के साफ रहने का अनुमान है और इस दौरान तापमान में और अधिक वृद्धि हो सकती है। 3 मार्च से गर्मी के और तेज होने की संभावना जताई गई है।

पिछले वर्षों की तुलना में इस बार फरवरी महीने में बेहद कम वर्षा हुई है। आमतौर पर इस अवधि में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी होती है, जिससे गर्मियों के लिए जल भंडारण सुनिश्चित होता है। लेकिन इस बार बर्फ की कमी से आने वाले महीनों में जल संकट की आशंका भी गहराने लगी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मार्च के पहले सप्ताह तक भी बारिश नहीं होती है तो इसका सीधा असर सेब, गेहूं और अन्य फसलों पर पड़ सकता है। तापमान में असामान्य बढ़ोतरी से वनों में आग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है। फिलहाल मौसम विभाग ने 5 मार्च तक किसी भी प्रकार की वर्षा या बर्फबारी की संभावना से इनकार किया है।

प्रदेश में बदलते मौसम के इस ट्रेंड ने आम लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। फरवरी में ही गर्मी का अहसास होना जलवायु परिवर्तन के संकेतों की ओर भी इशारा कर रहा है।