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हिमाचल में टीजीटी शिक्षकों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेष वरिष्ठता लाभ वापस

2006-07 में नियुक्त टीजीटी शिक्षकों के विशेष वरिष्ठता लाभ वापस

हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में अंतिम वरिष्ठता सूची में किया गया संशोधन

वरिष्ठता बदलने से पदोन्नति और सेवा संबंधी दावों पर पड़ सकता है असर


शिमला। हिमाचल प्रदेश के टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2006 और 2007 में नियुक्त उन शिक्षकों को दिए गए विशेष वरिष्ठता लाभ वापस ले लिए हैं, जिन्हें पहले वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों के आधार पर वरिष्ठता का लाभ दिया गया था।

निदेशालय ने इस संबंध में कार्यालय आदेश जारी कर 11 मार्च 2025 को जारी अंतिम वरिष्ठता सूची में आंशिक संशोधन किया है। संशोधन के बाद संबंधित शिक्षकों को दिए गए विशेष वरिष्ठता क्रमांक तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए गए हैं।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद हुई कार्रवाई.

स्कूल शिक्षा निदेशालय की यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों के अनुपालन में की गई है। विशेष रूप से एलपीए संख्या 836/2025, कौशल चंद्र बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में 25 फरवरी 2026 को दिए गए फैसले को इसका आधार बनाया गया है।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि वर्ष 2006-07 में नियुक्त शिक्षक वर्ष 2005 के अलग विज्ञापन के तहत हुई भर्ती प्रक्रिया में चयनित हुए थे। ऐसे में उन्हें वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में दिए गए वरिष्ठता लाभ का स्वतः हकदार नहीं माना जा सकता।

अदालत के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया को समय रहते चुनौती नहीं दी, वे उन मामलों में दिए गए लाभ का दावा नहीं कर सकते, जिनका लाभ बाद में अन्य कर्मचारियों को अदालत के निर्देशों के तहत मिला था।

2002 और 2012 की चयन प्रक्रिया से जुड़े मामलों में अलग स्थिति.

विभागीय आदेश में वर्ष 2002 और 2012 की चयन प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों को अदालत के निर्देशों के अनुसार दिए गए लाभों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, वर्ष 2006-07 में नियुक्त टीजीटी शिक्षक वर्ष 2005 के अलग विज्ञापन के माध्यम से चयनित हुए थे।

इसी अंतर के आधार पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद निदेशालय ने इन शिक्षकों को दिए गए विशेष वरिष्ठता लाभ को वापस लेने की कार्रवाई की है।

अब इन तारीखों की वरिष्ठता सूची होगी आधार.

निदेशालय के संशोधन के बाद संबंधित शिक्षकों की वरिष्ठता अब 20 जून 2017 और 10 मार्च 2022 को जारी विभागीय अंतिम वरिष्ठता सूचियों के अनुसार निर्धारित होगी।

इसका सीधा असर उन शिक्षकों के सेवा संबंधी दावों और वरिष्ठता क्रम पर पड़ सकता है, जिन्हें पिछले आदेशों के आधार पर विशेष लाभ मिला था।

पदोन्नति की उम्मीदों पर भी असर संभव.

वरिष्ठता किसी भी कर्मचारी की सेवा में पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों के लिए महत्वपूर्ण आधार होती है। ऐसे में विशेष वरिष्ठता लाभ वापस लिए जाने से संबंधित शिक्षकों की पदोन्नति की संभावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

जिन शिक्षकों को संशोधित वरिष्ठता के आधार पर आगे सेवा लाभ मिलने की उम्मीद थी, उनके लिए यह आदेश महत्वपूर्ण है। विभागीय स्तर पर वरिष्ठता सूची में बदलाव के बाद अब संबंधित शिक्षकों के सेवा मामलों का निर्धारण संशोधित वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा।

हजारों शिक्षकों की वरिष्ठता से जुड़ा मामला.

यह फैसला हिमाचल के टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2006-07 में नियुक्त शिक्षकों को पूर्व में मिले विशेष वरिष्ठता लाभ वापस लिए जाने से उनकी सेवा संबंधी स्थिति में बदलाव आया है।

अब संबंधित शिक्षकों की वरिष्ठता पुरानी विभागीय अंतिम वरिष्ठता सूचियों के आधार पर तय होगी। इससे भविष्य में पदोन्नति, वरिष्ठता क्रम और अन्य सेवा लाभों से जुड़े दावों पर असर पड़ने की संभावना है।