➤ हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर से दिसंबर तक सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना, तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहेगा
➤ राज्य से अगले एक-दो दिन में मानसून की होगी विदाई, आगामी तीन दिनों तक मौसम साफ रहने और धूप खिलने के आसार
➤ इस मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में बारिश, लैंडस्लाइड और विभिन्न हादसों से करीब 3,220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
हिमाचल प्रदेश में मौसम के मिजाज को लेकर मौसम विभाग ने नया पूर्वानुमान जारी किया है जिसके अनुसार अक्टूबर से दिसंबर के बीच राज्य में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की पूरी संभावना है, जबकि अन्य जिलों में बारिश का यह आंकड़ा सामान्य या उससे कम रह सकता है। इसके अलावा पूरे अक्टूबर महीने के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक बने रहने के आसार जताए गए हैं।
राज्य में अगले दो से चार दिनों यानी दो से चार अक्टूबर तक मौसम बिल्कुल साफ रहेगा और तेज धूप खिली रहेगी। हालांकि इसके बाद पांच अक्टूबर से मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो जाएगा और छह तथा सात अक्टूबर को राज्य के कई मैदानी इलाकों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जिसके चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही छह और सात अक्टूबर को चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कांगड़ा जिलों की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की भी संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ जाएगी।
प्रदेश से मानसून की विदाई अब अपने अंतिम चरण में है और अगले एक-दो दिनों के भीतर मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी तथा तीन-चार दिनों के भीतर यह पूरे राज्य से पूरी तरह विदा हो जाएगा। इस बार मानसून अपनी सामान्य तारीख 25 सितंबर के मुकाबले 8 से 10 दिन की देरी से लौट रहा है। इस पूरे मानसून सीजन यानी एक जून से 30 सितंबर के बीच सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य बारिश 733.4 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 652.6 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड हुई, जिसमें सात जिलों में कम और पांच जिलों में सामान्य से अधिक बारिश आंकी गई।
इस बार के मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड की घटनाओं से प्रदेशभर में लगभग 3,220 करोड़ रुपये की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुल 148 मकान पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 535 घरों को आंशिक नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा लगभग 499 गौशालाएं भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुईं। मानसून सीजन के दौरान हुए विभिन्न हादसों में कुल 379 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिनमें सड़क हादसों में 226, लैंडस्लाइड में 18, फ्लैश फ्लड में 1 और पानी में डूबने से 17 लोगों की मौत शामिल है।



