➤ 3 से 5 सितंबर तक हिमाचल में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान
➤ बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना
➤ किन्नौर-लाहौल स्पीति में तेज हवाओं, मैदानी इलाकों में आंधी-बिजली की चेतावनी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश में 3 से 5 सितंबर तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, 5 सितंबर को सोलन में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे में मौसम के बिगड़ने पर स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, जलभराव और सड़कें फिसलन भरी होने जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी।
तीन दिन बारिश का असर, इन जिलों पर विशेष नजर
मौसम विभाग की ओर से 3 सितंबर को जारी बुलेटिन के अनुसार, 3 से 5 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस दौरान बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा 5 सितंबर को सोलन जिले में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इससे इन जिलों में स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी, निचले इलाकों में पानी भरने और पहाड़ी सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, 6 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं। हालांकि इसके बाद भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। सप्ताह के बाकी दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहने का अनुमान है।
किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं
बारिश के साथ प्रदेश के जनजातीय और ऊंचाई वाले जिलों में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 3 से 5 सितंबर तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
वहीं, 3 से 6 सितंबर तक मैदानी, निचले पर्वतीय और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना जरूरी होगा।
बारिश के दौरान बढ़ सकता है भूस्खलन और जलभराव का खतरा
पहाड़ी राज्य होने के कारण लगातार बारिश के दौरान हिमाचल के कई हिस्सों में भूस्खलन और सड़कें फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, मैदानी और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना सुरक्षित रहेगा।
पिछले 24 घंटे में भी कई जगह बारिश
हिमाचल में बारिश का असर पिछले 24 घंटों में भी कई स्थानों पर देखने को मिला। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई।
आंकड़ों के अनुसार नैना देवी में 13 सेंटीमीटर, मुरारी देवी में 9 सेंटीमीटर, जबकि पत्तन बैराट में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नाहन और कसौली में 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखते हुए अगले कुछ दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। खासकर बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
6 सितंबर से राहत के संकेत
लगातार बारिश के बीच प्रदेशवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि 6 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि पूरी तरह मौसम साफ रहने की स्थिति अभी नहीं है और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
ऐसे में अगले तीन दिन हिमाचल में मौसम के लिहाज से सतर्क रहने वाले हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों के साथ-साथ नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।



